रायगढ़. जिले में विगत दो दिनों से फिर न्यूनतम तापमान में गिरावट आनी शुरू हो गई है, इससे रात के समय 10 से 11 डिग्री तक पहुंच जा रहा है, जिसके चलते रता में सफर करने वाले यात्री तो परेशान होते ही है, साथ ही सुबह-सुबह स्कूल जाने वाले बच्चे व पालक भी परेशान होने लगे हैं। इसके बाद भी अभी तक शहर के चौक-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था नहीं हो पाई है।
उल्लेखनीय है कि इन दिनों चक्रवाती तूफान का सिस्टम बनने के कारण जिले में लगातार नमी का आगमन के साथ ठंडी हवा भी आनी शुरू हो गई है। जिसके चलते दिन के समय धूप की भी गरमाहट कम हो गई है, साथ ही शाम होते ही न्यूनतम तापमान में गिरावट का दौर शुरू हो रहा है जो रात होते तक 10 से 11 डिग्री तक पहुंच जा रहा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में इसका असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्र के लोग शाम होते ही घरों में दुबकने को मजबूर हो रहे हैं। वहीं मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती तूफान ‘दितवाह’ श्रीलंका के तटीय इलाके और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ है। जो आगे बढ़ते हुए 30 नवंबर की सुबह तक उत्तरी तमिलनाडू और उससे सटे दक्षिण आंध्र प्रदेश होते हुए बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने की संभावना है, जिसके चलते जिले में फिलहाल हल्की नमी आने की संभावना बनी हुई है। जिसके चलते न्यूनतम तापमान में गिरावट आने की संभावना है, लेकिन तीन से चार दिन बाद फिर से तापमान वृद्धि होने की बात कही जा रही है। साथ ही मौसम साफ रहेगा, लेकिन नमी के साथ हल्की हवा चलने से ठंड बढ़ रही है। ऐसे में लोगों का कहना है कि अन्य सालों की अपेक्षा इस साल अच्छा ठंड पड़ रही है, जिसके चलते शाम होते ही लोग शॉल-स्वेटर का उपयोग करते नजर आ रहे हैं।
सेहत पर दिखने लगा असर
उल्लेखनीय है कि विगत सप्ताहभर से लगातार मौसम में उतार-चढ़ाव हो रहा है। जिसके चलते कभी तेज ठंड तो कभी हल्की ठंड होने से लोग सर्दी-बुखार के चेपट में आने लगे हैं। इससे सुबह-शाम अस्पताल के ओपीडी में मरीज कतारबद्ध नजर आ रहे हैं। वहीं इन दिनों ठंड के चलते अचानक तेज बुखार होने के कारण के लोगों को भर्ती करने की जरूरत पड़ जा रही है। इससे अस्पताल के वार्ड भी बुखार पीडि़तों से ही भरा नजर आ रहा है। जिसको लेकर अब विशेषज्ञ भी सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। वहीं डाक्टरों का कहना है कि ठंड में बच्चों व बुजुर्गों को ठंड से बचाना बेहद जरूरी है। ऐसे में सुबह-सुबह नहाने से बचे और 9 बजे से 12 बजे के बीच ही स्नान करें। क्योंकि ठंड में नहाने से बीपी-शुगर के मरीजों के सेहत के लिए नुकसानदायक होगा। वहीं अगर किसी व्यक्ति को सर्दी-बुखार की शिकायत होती है तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं, ताकि समय से उपचार हो सके, नहीं तो बहुत जल्द यह बुखार टाईपाईड व मस्तिक जवर में तब्दील हो जाएगा, इससे दिक्कत बढ़ जाएगी।
मौमस में उतार-चढ़ाव के साथ न्यूनतम तापमान पहुंचा 10 डिग्री सेल्सियस
ठंड के चलते लोगों के सेहत पर भी पड़ रहा असर



