सडक़-बाजार में घूमते मवेशी को ले जाते हैं गौशाला

जशपुरनगर। सडक़ों पर घूमने वाले मवेशियों के लिए एक मैकेनिकल इंजीनियर में गौशाला की व्यवस्था की है। जशपुर जिले से ग्राम पंचायत तपकरा में अनाश्रित मवेशियों की सेवा राम राज्य गौ सेवा समिति द्वारा किया जा रहा है। वर्तमान में इस गौशाला में 70 मवेशी हैं। जिन्हें तीनों पहर दाना पानी देकर उनकी देखभाल की जा रही है। यह पहल मवेशियों को सडक़ दुर्घटनाओं में मरने से बचाने के लिए है। अक्सर पशुपालक अपने मवेशियों को चरने के लिए छोड़ देते हैं। बरसात के सीजन में जब खेती शुरू हो जाती है तो मवेशी सडक़, हाट बाजार में भटकते फिरते हैं। कई बार सडक़ पर बैठे मवेशी वाहनों की टक्कर से घायल होते हैं या उनकी मौत हो जाती है। गौ वंशजों की ऐसी मौतों को देखते हुए तपकरा निवासी प्रशांत शर्मा ने निराश्रित मवेशियों के लिए अलग से गौशाला खोली है।
इसकी शुरुआत जून माह में की गई है। इसके लिए प्रशांत शर्मा ने सबसे पहले पंचायत की संगोष्ठी रखी। यहां अपना सुझाव दिया तो ग्रामीण इसके लिए तैयार हो गए। इसके बाद प्रशांत से हायर सेकेंड्री स्कूल, कॉलेज में पढ़ रहे छात्रों व गांव के युवाओं की एक टीम बनाई। इस टीम में 22 सदस्यों को जोड़ा और राम राज्य गौ सेवा समिति का गठन किया। इस समिति ने जून माह से अबतक सडक़ पर घूमने वाले करीब 70 मवेशियों का रेस्क्यू किया और उसे गौशाला में ले जाए। इस गौशाला में इन सभी गौ–वंशजों की सेवा का काम जारी है।
प्रशांत शर्मा ने बताया ग्राम पंचायत तपकरा कुनकुरी लवाकेरा स्टेट हाइवे के किनारे बसा है। ओडिशा जाने वाली इस मुख्य सडक़ पर हर वक्त भारी वाहनों का आना–जाना लगा रहता है। बरसात के दिनों में अक्सर मवेशी सूखे जगह की तलाश में सडक़ पर बैठे रहते हैं। रात के वक्त ट्रक चालक सडक़ या सडक़ किनारे बैठे मवेशियों को कुचलते हुए निकल जाते हैं। बीते चार साल में करीब 60 गौ–वंशजों की मौत वाहन से कुचलने की वजह से हुई थी। उन्होंने इतनी अधिक संख्या में जब मवेशियों को दफनाया तब निराश्रित मवेशियों के लिए अलग से गौशाला बनाने की पहल की। अब लोगों के सहयोग से यह गौशाला अच्छी तरह से चल रहा है।