रायगढ़। सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले के मत्स्य कृषकों को आजीविका के साधन उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में पहल की जा रही है। इसी क्रम में मत्स्य विभाग द्वारा चार मत्स्य कृषकों को आइस बॉक्स एवं जाल वितरित किया गया। इससे उन्हें मछली पकडऩे के साथ-साथ मछलियों के सुरक्षित भंडारण और बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी। ग्राम बनसिया की मालती सिदार एवं गुलापी सिदार, ग्राम तिऊरपारा के सतीश बेहरा और बोईरदादर के अभिषेक भौमिक लंबे समय से मछली व्यवसाय से जुड़े हैं। संसाधनों की कमी के कारण उन्हें मछली पकडऩे और उसे सुरक्षित रखने में परेशानी होती थी। विशेष रूप से आइस बॉक्स उपलब्ध नहीं होने से मछलियों को लंबे समय तक ताजा रखना और बाजार तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण था।
सेवा संकल्प अभियान के दौरान मत्स्य विभाग द्वारा ऐसे मत्स्य कृषकों की जरूरतों को चिन्हांकित किया गया। विभाग की सहायता से चार हितग्राहियों को आवश्यक मत्स्य सामग्री के रूप में आइस बॉक्स एवं जाल प्रदान किए गए। इससे उन्हें मछली पालन और व्यवसाय के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध हुए। आइस बॉक्स और जाल मिलने के बाद मत्स्य कृषकों को मछली पकडऩे, सुरक्षित रखने और बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी। इससे मछलियों की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ बिक्री का बेहतर अवसर मिलेगा और उनकी आमदनी में वृद्धि होगी। हितग्राही मालती सिदार ने बताया कि आइस बॉक्स और जाल मिलने से मछली व्यवसाय में काफी सहूलियत होगी। वहीं सतीश बेहरा ने कहा कि वे लंबे समय से मछली व्यवसाय कर रहे हैं, लेकिन आइस बॉक्स नहीं होने से परेशानी होती थी। अब यह सुविधा मिलने से मछलियों को सुरक्षित रखने में आसानी होगी। अभिषेक भौमिक ने कहा कि उपलब्ध कराए गए संसाधनों से व्यवसाय को आगे बढ़ाने और आर्थिक आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी।
आइस बॉक्स और जाल से मत्स्य कृषकों को मिला सहारा
आइस बॉक्स और जाल से मत्स्य कृषकों को मिला सहारा



