रायपुर। शहर में गैस पाइपलाइन बिछाने का काम कर रही एचसीजी रायपुर प्राइवेट लिमिटेड पर नगर निगम ने कार्रवाई की है। निगम के जोन-2 ने कंपनी पर 3 लाख 19 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। कंपनी पर फाफाडीह चौक और देवेंद्र नगर क्षेत्र में बिना अनुमति खुदाई करने और इस दौरान सडक़ के साथ पेयजल की मुख्य पाइपलाइन को नुकसान पहुंचाने का आरोप है। इस मामले में निगम ने कंपनी को अब दूसरा नोटिस जारी किया है। निगम के नोटिस के मुताबिक कंपनी ने पाइपलाइन बिछाने के लिए करीब 300 मीटर लंबाई में सडक़ और पाइपलाइन क्षेत्र में खुदाई की। देवेंद्र नगर में खुदाई के दौरान मुख्य पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं फाफाडीह चौक के आसपास सडक़ भी खोदी गई, जिससे लोगों के आने-जाने में परेशानी हुई। एचसीजी रायपुर प्राइवेट लिमिटेड को शहर में गैस पाइपलाइन बिछाने का काम मिला है। पाइपलाइन डालने के लिए कंपनी की ओर से अलग-अलग इलाकों में खुदाई की जा रही है। इसी काम के दौरान निगम के जोन-2 क्षेत्र में नियमों के उल्लंघन की शिकायत सामने आई। निगम का कहना है कि संबंधित क्षेत्र में बिना जरूरी अनुमति के खुदाई की गई। इसके अलावा खुदाई के दौरान पेयजल की मुख्य पाइपलाइन टूटने से लोगों की पानी की व्यवस्था भी प्रभावित हुई। सडक़ को भी नुकसान पहुंचा। मामले में निगम पहले भी कंपनी को नोटिस दे चुका है। अब जोन-2 ने दूसरा नोटिस जारी किया है। इसमें कंपनी को खराब सडक़ और पाइपलाइन की मरम्मत कर जगह को पहले जैसी स्थिति में लाने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस के मुताबिक, सडक़ और अन्य नुकसान की मरम्मत में 3.19 लाख रुपए खर्च होंगे। इसी आधार पर कंपनी पर जुर्माना लगाया गया है। शहर में गैस या दूसरी पाइपलाइन बिछाने के लिए सडक़ खोदने से पहले संबंधित विभाग और नगर निगम से अनुमति लेना जरूरी है। खुदाई के दौरान सडक़, पानी की पाइपलाइन या किसी अन्य सार्वजनिक सुविधा को नुकसान होने पर उसकी मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की होगी। नगर निगम ने कंपनी को बिना अनुमति काम नहीं करने की हिदायत दी है। साथ ही क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कर व्यवस्था पहले जैसी करने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर जोन-2 के जोन कमिश्नर संतोष पांडेय ने कंपनी को नोटिस दिया है। निगम ने साफ कहा है कि विकास कार्यों के लिए सडक़ खोदने की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन इससे लोगों को परेशानी या सरकारी सुविधाओं को नुकसान नहीं होना चाहिए। बिना अनुमति खुदाई करने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर कंपनी से मरम्मत का खर्च वसूला जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा।



