रायगढ़। जिला अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार नए-नए व्यवस्था अपनाई जा रही है। विगत कुछ दिनों से अस्पताल परिसर में छोटी-मोटी चोरियों की घटनाएं सामने आ रही थीं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में असुरक्षा की भावना पनप रही थी। इन घटनाओं पर अंकुश लगाने और अस्पताल में आने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
ऐसे में प्रबंधन द्वारा अस्पताल परिसर के अलावा वार्डों, गलियारों, प्रतीक्षालयों और अन्य संवेदनशील स्थानों को सीसीटीवी कैमरे से लैस किया गया है। ताकि इन कैमरों की मदद से हर गतिविधि पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा सके। इसके अतिरिक्त, अस्पताल के मुख्य द्वार और केजुअल्टी के गेट पर मेटल डिटेक्टर भी स्थापित किया गया है। यह डिटेक्टर अस्पताल में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जांच करेगा, ताकि कोई भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति अस्पताल परिसर में प्रवेश न कर सके। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि इन सुरक्षा उपायों से न केवल चोरियों पर लगाम लगेगी, बल्कि अस्पताल का माहौल भी अधिक सुरक्षित बनेगा। मरीजों और उनके परिजनों को अब अपनी वस्तुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता कम होगी और वे बेहतर उपचार पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। यह निर्णय अस्पताल में बेहतर व्यवस्था बनाए रखने और सभी आगंतुकों के लिए एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल है।
कैमरे के साथ बढ़े सुरक्षा कर्मी
इस संबंध में अस्पताल के सीविल सर्जन डॉ. दिनेश पटेल ने बताया कि हर हमेशा अस्पताल मेंं असमाजिक तत्व प्रवेश कर जाते हैं, जिससे मरीज व परिजनेां को दिक्कत होती थी, इसी को ध्यान में रखते हुए फिलहाल अलग-अलग जगहों में 45 सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं, जिसका लगातार निगरानी होती है। इसके साथ ही अस्पताल का मुख्य गेट और केजुअल्टी के गेट पर मेटल डिडेक्टर लगाया है, जहां एक सुरक्षा गार्ड मौजूद रहता है और उसमें प्रवेश करने वाले संदिग्ध व्यक्ति की जांच करता है। साथ ही यहां सिक्युरिटी गार्ड भी बढ़ाई गई है। वहीं आने वाले दिनों में अस्पताल के मुख्य द्वारा पर बेरिकेट्स लगाया जाएगा, जहां अस्पताल प्रवेश करने वाले वाहन चालकों की जांच होगी इसके बाद ही अस्पताल में परिसर में प्रवेश कर पाएगा। ताकि भविष्य में चोरी व अन्य स्थित से बचा सके।



