रायगढ़। शहर के ढिमरापुर इलाके की सडक़ लंबे समय से बदहाल है। सडक़ पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। पिछले दिनों ढिमरापुर से उर्दना और कोतरा रोड ओवरब्रिज के पास एक ही दिन में दो हादसे भी हुए थे। इसके बाद जिला कांग्रेस ने प्रशासन को 3 दिन में सडक़ सुधारने का अल्टीमेटम दिया था। मांग पूरी नहीं होने पर सोमवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ढिमरापुर के पास एक दिवसीय धरना शुरू कर दिया। धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि, सडक़ की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि यहां से गुजरना मुश्किल है। जगह-जगह गड्ढे होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। इससे हादसे का खतरा और बढ़ जाता है।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि, सुबह से देर रात तक कोतरा रोड की ओर से ढिमरापुर और उर्दना रोड पर भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। इससे सडक़ की स्थिति और खराब हो रही है। नेताओं ने नो-एंट्री के समय भारी वाहनों के प्रवेश को लेकर भी सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, करीब एक सप्ताह पहले इसी सडक़ पर एक ही दिन में दो हादसे हुए थे। हादसों के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखने को मिली थी। लोगों ने भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने और सडक़ की जल्द मरम्मत कराने की मांग की थी।
आवेदन के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रशासन को सडक़ की बदहाली से अवगत कराते हुए मरम्मत की मांग की थी। कांग्रेस का आरोप है कि इसके बावजूद न तो सडक़ की मरम्मत शुरू हुई और न ही भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर कोई व्यवस्था की गई। इसी के विरोध में सोमवार को धरना देकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई।
सुधार नहीं हुआ तो चक्काजाम की चेतावनी
जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण अध्यक्ष नगेन्द्र नेगी ने कहा कि, आवेदन देने के बाद भी अधिकारियों ने सडक़ की समस्या पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि जल्द सडक़ की मरम्मत कर व्यवस्थित किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो चक्काजाम और कलेक्ट्रेट घेराव जैसे बड़े आंदोलन किए जाएंगे।
जनता की परेशानी से प्रशासन को कोई सरोकार नहीं
जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष शाखा यादव ने कहा कि, रायगढ़ का दुर्भाग्य है कि यह मुख्यमंत्री का लोकसभा क्षेत्र और वित्त मंत्री का क्षेत्र रहा है। इसके बावजूद सडक़ के गड्ढों के कारण लोगों की जान जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने अल्टीमेटम के बाद भी सडक़ के गड्ढों की मरम्मत नहीं कराई। इससे साफ है कि प्रशासन को आम जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है।



