रायगढ़। जिले में भाजी की सब्जी नहीं बनाने पर पति ने पत्नी की हत्या कर दी। विवाद के बाद उसने पत्नी का गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए शव को जला दिया और हड्डियों के अवशेष को घर के आंगन में गड्ढा खोदकर पत्थर के नीचे दबा दिया। इसके बाद पत्नी को ढूंढने का नाटक करने लगा। परिवार वालों से कहा कि पत्नी बिना बताए घर से चली गई है। थाने पहुंचकर गुम होने की शिकायत दर्ज कराई। मायके वालों और पुलिस को पति पर ही शक हुआ। हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। 3 महीने बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। मामला कापू थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, 28 अप्रैल को ग्राम कुमा निवासी देवानंद सिदार (39) कापू थाना पहुंचा। उसने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी चमेली सिदार 16 अप्रैल की रात करीब 8 बजे घर से बिना बताए कहीं चली गई है। इस पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की और देवानंद से पूछताछ की। उसके बयान पर पुलिस को संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस ने चमेली के परिवार वालों और आसपास के लोगों से भी पूछताछ शुरू की।
अफेयर के बाद पति-पत्नी की तरह रहते थे दोनों
मक्कापुर के रहने वाले चमेली के पिता बालसाय सिदार (65) ने पुलिस को बताया कि चमेली उनकी सबसे छोटी बेटी थी। करीब चार साल पहले देवानंद और चमेली के बीच अफेयर था। इसके बाद देवानंद उसे अपने साथ कुमा ले आया था और दोनों पति-पत्नी की तरह रह रहे थे। दोनों की कोई संतान नहीं थी। चमेली के पिता ने बताया कि 18 अप्रैल को देवानंद मक्कापुर स्थित उनके घर आया था। उसने चमेली के वहां आने के बारे में पूछा। परिवार वालों ने बताया कि चमेली वहां नहीं आई है। इसके बाद देवानंद वापस चला गया। 28 अप्रैल को एक दूसरे गांव में दशकर्म कार्यक्रम के दौरान परिजनों को पता चला कि चमेली की हत्या कर उसके पति ने शव को जला दिया है। इसके बाद परिवार ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। एसडीओपी, एफएसएल अधिकारी और पुलिस की टीम देवानंद के घर पहुंची और घटनास्थल की जांच की। जांच के दौरान घर के आंगन से जली हुई हड्डियों के अवशेष मिले। पुलिस ने इन्हें जब्त कर लिया। डॉक्टर ने हड्डियों के प्रिजर्व किए गए नमूने को डीएनए जांच के लिए भेजा गया। इससे मृतिका की पहचान की पुष्टि की गई।
डीएनए रिपोर्ट से खुलासा
डीएनए जांच रिपोर्ट में हड्डियों के अवशेष चमेली सिदार के होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने 23 अगस्त को आरोपी देवानंद सिदार के खिलाफ कापू थाने में धारा 103(1), 238(ए) के तहत मामला दर्ज किया। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी को पकडऩे के लिए उसके घर पर दबिश दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही वह फरार हो गया। आरोपी को पकडऩे के लिए पुलिस टीम ने लगातार तीन दिनों तक गांव के बाहर कैंप लगाकर उसकी तलाश की। इसके बाद पुलिस ने उसे गांव से ही पकड़ लिया। पूछताछ में देवानंद ने पुलिस और परिजनों के सामने हत्या की बात कबूल की। उसने बताया कि 16 अप्रैल की रात भाजी की सब्जी बनाने की बात को लेकर उसका पत्नी चमेली से विवाद हुआ था। विवाद बढऩे पर उसने चमेली का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने घटना छिपाने के लिए पत्नी के शव को घर के आंगन में जला दिया। इसके बाद हड्डियों के अवशेषों को गड्ढा खोदकर पत्थर के नीचे दबा दिया। पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने पत्नी के लापता होने की झूठी रिपोर्ट भी दर्ज कराई। जांच में हत्या का खुलासा होने के बाद पुलिस ने आरोपी देवानंद सिदार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।



