खरसिया। जिले के खरसिया स्थित गर्ग फर्नीचर में वन विभाग की उडऩदस्ता टीम ने कार्रवाई की। यहां साल की लकड़ी के अवैध ल_ों की चिराई की जा रही थी। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। वन विभाग ने आरा मशीन को सील कर दिया है। साथ ही मौके पर रखी दूसरी लकडिय़ों के भंडारण की भी जांच की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, वन विभाग की उडऩदस्ता टीम को गर्ग फर्नीचर में अवैध लकडिय़ों की चिराई किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने खरसिया वन अमले के साथ मिलकर मौके पर दबिश दी। जांच के दौरान टीम को साल के 4 ल_े मिले। फर्नीचर संचालक भीमप्रकाश अग्रवाल के पास इन लकडिय़ों से जुड़े कोई जरूरी दस्तावेज नहीं मिले। मौके पर इन ल_ों की चिराई भी की जा रही थी। इसके बाद वन विभाग ने करीब 1.525 घन मीटर अवैध लकड़ी जब्त कर ली। जिस आरा मशीन से लकडिय़ों की चिराई हो रही थी, उसे भी सील कर दिया गया। बताया जा रहा है कि फर्नीचर के यहां काफी मात्रा में लकडिय़ां रखी हुई हैं। वन विभाग अब इन सभी लकडिय़ों के दस्तावेजों की जांच कर रहा है। अगर कोई लकड़ी बिना दस्तावेज या अवैध पाई जाती है, तो उसे भी जब्त किया जाएगा।
कार्रवाई अभी जारी
उडऩदस्ता सहायक प्रभारी संदीप नामदेव ने बताया कि गर्ग फर्नीचर में आरा मिल का लाइसेंस बजरंग सॉ मिल के नाम से है। इसका संचालन भीम प्रकाश अग्रवाल कर रहे हैं। जांच के दौरान वहां साल के 4 ल_े बिना दस्तावेज के मिले। इनकी चिराई की जा रही थी। संचालक लकडिय़ों से जुड़े जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसके बाद वन विभाग ने लकडिय़ां जब्त कर आरा मशीन को सील कर दिया। उन्होंने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई अभी जारी है।
जानकारों का कहना है कि शहर में कई आरा मशीनें चल रही हैं और इनमें बड़ी मात्रा में लकडिय़ों का भंडारण भी किया जाता है। ऐसे में इन सभी जगहों पर भी जांच की जरूरत है। बताया जाता है कि करीब 7-8 साल पहले तत्कालीन प्रभारी रेंजर राजेश्वर मिश्रा और उनकी टीम ने आरा मशीनों की जांच की थी। उस दौरान 3-4 आरा मशीनों को सील किया गया था। साथ ही वन विभाग ने बड़ी मात्रा में अवैध लकडिय़ां भी जब्त की थीं।



