रायगढ़। आईपीएल 2026 के दौरान पुलिस ने सट्टा खिलाने वाले कई सटोरियों और खाईवालों को गिरफ्तार किया था। अब पुलिस ने करीब चार महीने से फरार चल रहे मुख्य खाईवाल को उसके दो साथियों के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 4 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। मामला चक्रधर नगर थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, आईपीएल 2026 के दौरान 9 अप्रैल को पुलिस ने बोईरदादर के शालिनी स्कूल रोड स्थित गुरुकृपा प्रोविजन स्टोर में दबिश दी थी। यहां पुलिस ने पंकज जयसिंह और जयदेव मित्रा को मोबाइल से आईपीएल मैच में हार-जीत पर पैसे का दांव लगवाते पकड़ा था। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे मुख्य खाईवाल सानू बेरीवाल (32), निवासी पंचवटी कॉलोनी, चक्रधरनगर के लिए क्रिकेट सट्टा चलाते थे। सट्टे की रकम का लेन-देन यूपीआई के जरिए किया जाता था। इसके बाद 10 अप्रैल को साइबर और चक्रधरनगर पुलिस की टीम ने पंचवटी नगर बोईरदादर में कशिश बलानी को उसके घर के बाहर मोबाइल से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा खिलाते पकड़ा। पूछताछ में कशिश ने बताया कि वह करीब एक साल से सानू बेरीवाल के लिए क्रिकेट सट्टा चला रहा था। वह सट्टे की रकम का लेन-देन भी यूपीआई के जरिए करता था।
4 महीने से फरार थे आरोपी
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पूछताछ में पहले गिरफ्तार आरोपियों ने बताया था कि वे मुख्य आरोपी सानू बेरीवाल, मोहित संथालिया (19) और विजय कुमार देवांगन (43) के साथ मिलकर क्रिकेट सट्टे का काम करते थे। इसके बाद से तीनों आरोपी फरार चल रहे थे। पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी।
तीनों आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजे गए
इसी बीच पुलिस को जानकारी मिली कि तीनों आरोपी शहर में मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने सट्टा चलाने की बात स्वीकार की। पुलिस ने उनके पास से 4 मोबाइल फोन जब्त किए। इसके बाद तीनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
सट्टे के खिलाफ कार्रवाई जारी
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि सट्टा, जुआ और ऑनलाइन सट्टे से जुड़े लोगों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत ऐसे लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।



