रायगढ़। एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल सातवें दिन भी जारी है। इंटर्न डॉक्टर 30 हजार रुपए महीने स्टाइपेंड देने की मांग को लेकर काम का बहिष्कार कर रहे हैं। अब छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने भी उनकी मांग का समर्थन किया है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष लीलाधर नायक ने कहा कि प्रदेश के एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर कम स्टाइपेंड में लगातार स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। कई जगह उन्हें 24 घंटे ड्यूटी करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ में इंटर्न डॉक्टरों को मिलने वाला स्टाइपेंड कम है। यह उनके काम और जिम्मेदारी के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। इसी मांग को लेकर प्रदेश के एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों ने 4 अगस्त से काम का बहिष्कार शुरू किया है। उनकी एक ही मांग है कि स्टाइपेंड बढ़ाकर 30 हजार रुपए प्रतिमाह किया जाए। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने इंटर्न डॉक्टरों की मांग को जायज बताते हुए उन्हें नैतिक समर्थन दिया है। संघ ने प्रदेश सरकार से जल्द उनकी मांग पूरी करने और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था सामान्य करने की मांग की है। एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर राधेश्याम ने बताया कि स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक इस पर फैसला नहीं हुआ। इसलिए इंटर्न डॉक्टरों ने हड़ताल शुरू की है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने उनका समर्थन किया है।
इंटर्न डॉक्टरों का 7वें दिन भी जारी रही हड़ताल
स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने दिया समर्थन



