रायपुर। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के दो महीने के कार्यकाल को इच्छाशक्ति बनाम इंतजार की जीत निरूपित करते हुए पश्चिम बंगाल को दशकों तक जिस परिवर्तन का इंतजार था, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और माननीय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने उसे केवल दो महीने में पूरा कर दिखाया। ओपी ने कहा बंगाल की मिट्टी ने दशकों तक बहुत कुछ सहा, अब जाकर उसे न्याय मिला है। श्री चौधरी ने मीडिया से सोशल मीडिया में बॉर्डर में की गई फेसिंग का वीडियो जारी करते हुए कहा बंगाल में महिलाएं असुरक्षित थी। दशकों तक ‘पोरिबोर्तोन’ के नाम पर सिर्फ नारे मिले, जमीन पर सिर्फ डर, कटमनी और पलायन मिला। 60 दिन में जो कुछ हुआ, वो 60 साल में क्यों नहीं हो पाया यह सवाल हर बंगाली के जेहन में है। भाजपा की सरकार बनते हुए 2 महीने में हुए बदलाव के संबंध में ओपी ने कहा बंगाल में कानून का राज स्थापित हुआ। पहले संदेशखाली जैसी घटनाओं पर पर्दा डाल दिया जाता था। आज बहनों की शिकायत पर 24 घंटे में स्नढ्ढक्र होती है और आरोपी जेल में होता है। बीएसएफ को फ्री हैंड दिया गया है। घुसपैठ पर विराम लगा। ‘कटमनी’ की जगह ‘डीबीटी’ ने ले ली है। दीदी के राज में 100 दिन मनरेगा हो या आवास योजना, बिना ‘कटमनी’ के एक ईंट नहीं लगती थी। मोदी जी की गारंटी के बाद आज बंगाल के 2 करोड़ से ज्यादा लाभार्थियों के खाते में पैसा सीधा पहुंच रहा है। पीएम-किसान का पैसा बंगाल के किसानों को पहली बार मिला। ये है ‘भ्रष्टाचार मुक्त शासन’ का प्रमाण है। जिस बंगाल से औद्योगिक निवेश को रोकने का प्रयास किया गया वही भाजपा की सरकार आते ही दो महीने में 75,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए हैं। हल्दिया से सिलीगुड़ी तक टेक्सटाइल पार्क, लॉजिस्टिक हब और सेमीकंडक्टर यूनिट का भूमिपूजन हो चुका है। दशकों तक रामनवमी के जुलूस पर रोक लगती थी, दुर्गा विसर्जन की तारीख बदलती थी। आज सरस्वती पूजा से लेकर रथ यात्रा तक, हर त्योहार पूरे सम्मान से मन रहा है। बंगाल की असली पहचान – गुरुदेव, नेताजी, विवेकानंद के योगदान का स्मरण किया गया। ये तुष्टिकरण नहीं बल्कि बंगाल की सांस्कृतिक विरासत के साथ न्याय है।



