धरमजयगढ़। जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र में भारतमाला रोड प्रोजेक्ट के लिए निर्धारित आरओडब्लू के किनारे कई मीटर दूर तक फैले वन भूमि पर स्थित मंदिर समिति के अधीन आने वाली संपत्तियों सहित अन्य करोड़ों की वन संपदा को वैधानिक प्रक्रिया के बिना ध्वस्त करने के सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। 2023 में आरओडब्लू की वास्तविक स्थिति की एनएचएआई और निर्माण एजेंसी मेसर्स दिलीप बिल्डकॉन कंपनी से मिले अधिकृत दस्तावेजों और अधिकारियों से बातचीत के बाद जो तथ्य सामने आए हैं वो बेहद चौंकाने वाले हैं।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र अंतर्गत आने वाले सिसरिंगा घाट में बंजारी मंदिर के सामने भारतमाला रोड के आर ओ डब्ल्यू यानी राइट ऑफ वे के बाहर वन भूमि पर स्थित कई सरकारी संपत्तियों को भारतमाला रोड निर्माण के लिए हिल ब्लास्टिंग में प्रभावित होने की बात कहते हुए अवैध रूप से ढहा दिया गया है। इनमें ग्राम पंचायत द्वारा बनाए गए एवं मंदिर के अधीन आने वाले सरकारी सामुदायिक शौचालय, वन भूमि पर स्थित कुआं सहित अन्य बहुमूल्य वन संपदा शामिल हैं। अधिकारियों से बातचीत में पता चला है कि इस आरओडब्लू के बाहर कई मीटर के दायरे में नुकसान किए गए किसी भी संपति के नुकसान का कोई आंकलन और अधिग्रहण नहीं हुआ और न ही कोई अन्य मुआवजा दिया गया।
एनएचएआई से मिली अधिकृत जानकारी के मुताबिक़ इस रोड प्रोजेक्ट के निर्माण एजेंसी मेसर्स दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड कंपनी ने मई 2026 में स्थानीय एसडीएम को आरओडब्लू के किनारे बताते हुए एक पत्र लिखा। डीबीएल कंपनी ने लिखा है कि सिसरिंगा घाट में सडक़ निर्माण के लिए हिल ब्लास्टिंग में राइट ऑफ वे (आरओडब्लू) के किनारे स्थित शौचालय को नुकसान होगा। डीबीएल कंपनी ने शौचालय हटाने की अनुमति मांगी। डीबीएल ने एसडीएम को लिखे पत्र में कहा है कि काम पूरा होने के बाद शौचालय निर्माण किया जाएगा। एसडीएम ने इस मामले में क्या आदेश दिए यह अभी तक स्पष्ट नहीं है। इसके अलावा वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार आरओडब्लू के बाहर कई मीटर दूर स्थित अन्य संपत्तियों जैसे कुआं और फॉरेस्ट के पेड़ों के ब्लास्टिंग से नुकसान होने को लेकर डी बी एल कंपनी द्वारा कोई भी जानकारी वन विभाग को नहीं दी गई है।
द्वारा- ऋषभ तिवारी
भारतमाला में आरओडब्लू घोटाला!, ‘राइट ऑफ वे’ के बाहर वन भूमि पर स्थित मंदिर की संपत्तियों सहित बहुमूल्य संपदा जमींदोज!
न कोई आंकलन न मुआवजा, ब्लास्टिंग से नुकसान का दावा



