रायपुर। रेलवे बोर्ड के महानिदेशक (सुरक्षा) हितेंद्र मल्होत्रा ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल का सेफ्टी निरीक्षण किया। उन्होंने दुर्ग कोचिंग डिपो, भिलाई स्थित दुर्घटना राहत संसाधनों और इंजीनियरिंग स्टोर का निरीक्षण कर रेल परिचालन से जुड़े सुरक्षा पहलुओं की समीक्षा की।
इस दौरान मंडल रेल प्रबंधक दयानंद समेत रायपुर मंडल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण की शुरुआत दुर्ग कोचिंग डिपो से हुई। यहां महानिदेशक ने यात्री ट्रेनों की मेंटेनेंस व्यवस्था, शंटिंग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां, फायर डिटेक्शन सिस्टम और कोचों की इंटरमीडिएट ओवरहॉलिंग प्रक्रिया का जायजा लिया। उन्होंने विभागीय संसाधनों से तैयार फीबा टेस्ट स्टैंड और फायर डिटेक्शन सिस्टम मॉडल की कार्यप्रणाली भी देखी। दुर्ग लॉबी में उन्होंने लोको पायलट और ट्रेन मैनेजरों से मुलाकात कर ट्रेन परिचालन के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा नियमों पर चर्चा की। साथ ही क्रू मेंबर्स के नियमित प्रशिक्षण और सुरक्षा जागरूकता पर विशेष जोर दिया।
भिलाई स्थित डीएम ग्रिड में महानिदेशक ने एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (्रक्रञ्ज), एक्सीडेंट रिलीफ मेडिकल वैन (्रक्ररूङ्क) और हैवी क्रेन की कार्यप्रणाली का डेमो देखा। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि रेल दुर्घटना की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में इन संसाधनों की अहम भूमिका होती है।
इस दौरान यात्री कोच और वैगनों के व्हील सेट के रखरखाव में उपयोग होने वाली व्हील स्केट ट्रॉली टोइंग मशीन का शुभारंभ भी किया गया। भिलाई इंजीनियरिंग स्टोर के निरीक्षण के दौरान हितेंद्र मल्होत्रा ने स्क्रैप के समयबद्ध निपटान पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि स्प्रिंग, पुर्जों और अन्य यांत्रिक सामग्रियों का उपयोग केवल निर्धारित गुणवत्ता और सुरक्षा जांच के बाद ही किया जाए।
निरीक्षण के बाद महानिदेशक ने रायपुर मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में सुरक्षा संबंधी कार्यों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में डीआरएम दयानंद, प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी अनूप कुमार सतपथी, अपर मंडल रेल प्रबंधक बजरंग अग्रवाल सहित रायपुर रेल मंडल के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में रेल परिचालन की सुरक्षा, रखरखाव व्यवस्था, कर्मचारियों के प्रशिक्षण और दुर्घटना रोकथाम से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। महानिदेशक ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है और संरक्षा मानकों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता।
रेलवे बोर्ड के डीजी-सेफ्टी ने रायपुर मंडल का किया निरिक्षण
दुर्ग कोचिंग डिपो और इंजीनियरिंग स्टोर का जायजा लिया



