बरमकेला/सरिया। गुरुवार को विद्युत वितरण केंद्र सरिया के तहत सूरजगढ़ – परसरामपुर बोरपंप फीडर के बिगड़े लाइन की सुधार के लिए खंभा चढे बिजली ठेका कर्मी अचानक बिजली करंट आ जाने से उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने सरकारी अस्पताल पहुंचकर 5 लाख की मुआवजा राशि को लेकर हंगामा कर दिया। चार घंटे से अधिक समय तक हंगामा चलता रहा। आखिर में बिजली ठेकेदार व बिजली अधिकारियों के द्वारा 3 लाख रुपए की सहायता राशि देने की बात पर सहमति बनने के बाद शव को पोस्टमार्टम के भेजा गया।
मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को विद्युत वितरण केंद्र सरिया के लाइनमेन चुडामणि गुप्ता से परमिट लेकर बिजली ठेकेदार सिद्धेश्वर राजपूत के ठेका कर्मी शशिभूषण सेठ, भरत यादव व श्रवण यादव तीनों सूरजगढ़ – परसरामपुर बोरपंप फीडर को सुधारने के लिए परसरामपुर खेतों के बीच खंभे के पास पहुंचे थे। 11 केवी लाइन की बिजली खंभा में श्रवण यादव पिता रामदयाल उम्र 25 वर्ष ग्राम तोरेसिंहा थाना बरमकेला चढ़ा हुआ था। लाइन सुधार करते हुए पूर्वान्ह 11.38 बजे अचानक करंट आ जाने से बिजली ठेका कर्मी श्रवण यादव खंभे के ऊपर 11 केवी लाइन तार में चिपक गया और उसकी मौत हो गई। इसकी सूचना सरिया के विद्युत अधिकारियों व पुलिस थाना को दी और मृतक बिजली ठेका कर्मी के शव को खंभे से उतारकर सरकारी अस्पताल लेकर आए। मृतक के परिजन भी अस्पताल आकर 5 लाख रुपए की मुआवजा देने की मांग करते हुए हंगामा शुरु कर दिया। इस दौरान सरिया के सरिया जेई मदन नायक व बरमकेला एई गजाधर सिदार परिजनों को मनाने में लगे रहे। किंतु परिजनों ने मुआवजा की मांग को लेकर 4 घंटे तक अडे रहे। शाम 4.30 बजे तहसीलदार कोमल प्रसाद साहू ने आकर परिजनों को समझाईश देते हुए 3 लाख रुपए तत्कालीन सहायता राशि दिलाने का आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बरमकेला अस्पताल भेजा गया।
एकमात्र कमाऊ था मृतक श्रवण
बिजली करंट की चपेट में आए अविवाहित श्रवण यादव अपने परिवार का एकमात्र कमाऊ बेटा था। बिजली ठेकेदार ने उसे सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराया था। कुछ साल पहले पिता की मौत हो गया है। जबकि उसका बड़ा भाई चंद्रकुमार यादव उम्र 28 वर्ष किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित है। कोई काम – धंधा नहीं कर सकता। ऐसे में इस गरीब परिवार का सहारा छिन जाने से दुखों का पहाड़ टूट पडा है।
बिजली ठेकेदार सामने नहीं आया
श्रवण यादव के मौत के बाद सरिया अस्पताल और थाना में ग्रामीणों, परिजनों व बिजली कर्मचारियों की भीड़ लगा रही। इतनी बड़ी वारदात के बाद संबंधित बिजली ठेकेदार नहीं आया और मोबाइल फोन पर बिजली अधिकारी उससे मुआवजा राशि और सहायता राशि को लेकर परिजनों से समझौता कराने में लगे रहे। काफी देर तक हो – हंगामा होता रहा।



