शकूरबस्ती डिपो में हाइड्रोजन ट्रेन और अत्याधुनिक मेंटेनेंस सुविधाओं का लिया जायजा
रेल मंत्री ने शकूरबस्ती डिपो में हाइड्रोजन ट्रेन का निरीक्षण किया
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर किया पौधरोपण; शत-प्रतिशत विद्युतीकरण की ओर तेजी से अग्रसर है भारतीय रेल
बिलासपुर। रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, अश्विनी वैष्णव ने आज उत्तर रेलवे के तिलक ब्रिज से शकूरबस्ती रेल सेक्शन का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उत्तर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर क्षेत्र की विभिन्न विकास योजनाओं और प्रगति कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
शकूरबस्ती डिपो में अत्याधुनिक तकनीकों और मेंटेनेंस सुविधाओं का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान रेल मंत्री शकूरबस्ती स्टेशन पहुंचे, जहाँ उन्होंने अत्याधुनिक ‘रिट्रेक्टेबल ओएचई’ प्रणाली का बारीकी से अवलोकन किया। यह तकनीक शेड के भीतर इंजनों और ट्रेनों के सुरक्षित व त्वरित रखरखाव में बेहद कारगर है। इसके साथ ही उन्होंने बोगी-पिट और बोगी लिफ्टिंग फैसिलिटीज का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को ग्राउंड जीरो पर कार्य कुशलता बढ़ाने के निर्देश दिए। इस दौरे का मुख्य आकर्षण हाइड्रोजन ट्रेन का निरीक्षण रहा। रेल मंत्री ने भविष्य की इस पर्यावरण-अनुकूल ग्रीन टेक्नोलॉजी की प्रगति की समीक्षा की, जो भारतीय रेल को पूरी तरह प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
विश्व पर्यावरण दिवस और ‘ग्रीन रेलवे’ का संकल्प
आज ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ के विशेष अवसर पर रेलमंत्री ने डिपो परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया और पौधारोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के प्रति भारतीय रेल की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया। उत्तर रेलवे और संपूर्ण भारतीय रेल वर्तमान में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण की ओर तेजी से अग्रसर है, जो देश को नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जक बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस निरीक्षण के दौरान उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक दिल्ली मंडल के रेल प्रबंधक और रेलवे बोर्ड व उत्तर रेलवे के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।



