बिलासपुर। 20 मई को राजभाषा विभाग, प्रधान कार्यालय, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर द्वारा हिंदी साहित्य के छायावादी युग के महान कवि सुमित्रानंदन पंत जी की 126वीं जयंती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पीताम्बर लाल जाटवर, राजभाषा अधिकारी (मुख्यालय), द.पू.म.रेलवे, बिलासपुर एवं उपस्थित कर्मचारियों द्वारा पंत जी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। प्रकृति के सुकुमार कवि सुमित्रानंदन पंत की रचनाओं पर चर्चा करते हुए श्री जाटवर ने कहा कि पंत जी की जयंती उनकी प्रकृति और मानवता के प्रति संवेदनशीलता को स्मरण करने का दिन है। उनकी कविताएँ आज भी हमें यह सिखाती हैं कि साहित्य समाज और जीवन को दिशा देने का सबसे सुंदर माध्यम है। ‘पल्लव’, ‘वीणा’, ‘चिदंबरा’ तथा लोकायतन पंत जी की प्रमुख रचनाएं हैं और उन्हें ‘चिदंबरा’ के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित कर्मचारियों द्वारा ‘नौका विहार’ तथा ‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता का पाठ कर, प्रकृति के चितेरे कवि को श्रद्धासुमन अर्पित किया गया।



