रायगढ़। अखंड सुहाग की कामना लेकर आज शहर की हजारों सुहागिन महिलाओं ने वट सावित्री व्रत पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से मनाया। सुबह से ही शहर के सभी प्रमुख मंदिरों और बरगद वृक्षों के पास महिलाओं का रेला लगा रहा।
सुबह से हुई पूजा
शहर की श्रद्धालु महिलाओं ने सुबह 7:12 से 8:24 बजे तक और अभिजीत मुहूर्त 11:50 से 12:45 बजे तक वट वृक्ष की पूजा कीं।वहीं सोलह श्रृंगार कर पहुंची महिलाओं ने बरगद के पेड़ की परिक्रमा की, कच्चे सूत का धागा बांधा और सावित्री-सत्यवान की कथा सुनी। नई बहुओं और युवतियों ने भी व्रत रख पूजा की। कई महिलाओं ने अपनी बेटियों को भी साथ लाकर पूजा की विधि सिखाई, ताकि सनातन परंपरा आगे बढ़ती रहे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वट वृक्ष को अमरता, सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से यहीं वापस लिए थे। तभी से सुहागिनें पति की दीर्घायु और परिवार की खुशहाली के लिए ये व्रत रखती हैं। शहर में रहा श्रद्धा का माहौल
शहर के गौरी-शंकर मंदिर, चक्रधर नगर स्थित हनुमान मंदिर, सत्तीगुड़ी चौक सहित सभी मंदिरों में जाकर श्रद्धालु महिलाओं ने पूजा अर्चना कीं। दिन भर आध्यात्मिक खुशी का माहौल रहा व रात में महिलाओं ने विशेष भजन संध्या का आयोजन भी किया।
अखंड सुहाग के लिए महिलाओं ने रखा वट सावित्री व्रत, मंदिरों में हुई पूजा अर्चना
वट वृक्ष में बांधे श्रद्धा से रक्षा के लिए सुहाग के धागे



