नारायणपुर। क्षेत्र में स्टेट हाईवे 17 के चराईडाँड़-बतौली मार्ग स्थित कपरी नाला के पास सडक़ सुरक्षा के लिए लगाया गया लोहे का गार्डवाल इन दिनों टूटा हुआ पड़ा है, जिससे आवागमन करने वाले राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा इस स्थान पर सडक़ के दोनों किनारों पर लोहे के मजबूत गार्डवाल लगाए गए थे, ताकि तीव्र मोड़ और नाले के पास दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके।
लेकिन पिछले कुछ दिनों से यहां का नजारा बदला हुआ दिखाई दे रहा है। सडक़ के एक तरफ का गार्डवाल जमीन पर उखड़ा हुआ पड़ा है और उसकी स्थिति को देखकर यह साफ तौर पर प्रतीत होता है कि यह किसी सडक़ हादसे में क्षतिग्रस्त नहीं हुआ लगता है। यदि ऐसा होता तो गार्डवाल पूरी तरह मुड़ जाता या कई हिस्सों में टूटकर बिखरा होता, जबकि यहां ऐसा कुछ भी नजर नहीं आता। डिवाइडर को देखने से ऐसा लगता है कि किसी ने जानबूझकर औजार की मदद से उसे उखाडक़र नीचे रख दिया है। स्थानीय ग्रामीणों और नियमित रूप से इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों ने आशंका जताई है कि यह हरकत किसी अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा की गई है, जिन्होंने अपने निजी स्वार्थ या शरारत के चलते सडक़ सुरक्षा के इस अहम साधन को नुकसान पहुंचाया है। लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र पहले से ही दुर्घटना संभावित स्थल रहा है और गार्डवाल लगाए जाने के बाद काफी हद तक हादसों में कमी आई थी, लेकिन अब इसके टूट जाने से फिर से खतरा बढ़ गया है। रात के समय और तेज रफ्तार वाहनों के लिए यह स्थिति और भी ज्यादा खतरनाक बन जाती है, क्योंकि अंधेरे में गार्ड वाल के अभाव में वाहन चालक संतुलन खो सकते हैं या सीधे नाले में गिर सकते हैं। इससे किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह हरकत किसने और क्यों की? क्या यह सिर्फ शरारत है या इसके पीछे कोई बड़ा उद्देश्य छिपा है? इन तमाम सवालों के जवाब तलाशना प्रशासन और संबंधित विभाग के लिए जरूरी हो गया है,ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, टूटे हुए गार्ड वाल को जल्द से जल्द पुन: स्थापित कर सडक़ सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। यदि समय रहते इस तरह की घटनाओं पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो आने वाले समय मे अन्य स्थानों पर लगे गार्डवाल और सरकारी संपत्तियां भी असुरक्षित हो सकती हैं। ऐसे में आवश्यक है कि प्रशासन सख्ती दिखाए और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी कार्रवाई कर लोगों के मन में सुरक्षा और विश्वास कायम रखे।
चराईडाँड़-बतौली मार्ग पर बड़ा सवाल- गार्डवाल टूटा या तोड़ा गया
प्रशासन की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल रात में कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा!



