खरसिया। जब नीयत साफ हो और योजना ज़मीनी स्तर तक पहुंचे, तो बदलाव खुद दिखने लगता है। कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला खरसिया विकासखंड के ग्राम भूपदेवपुर में, जहां फ्री ट्रेड एलपीजी योजना के तहत आयोजित एक विशेष कार्यक्रम ने सैकड़ों जरूरतमंद परिवारों के जीवन में नई रोशनी भर दी।
धुएं से मुक्ति, सम्मान से जीवन
ग्रामीण और प्रवासी मजदूरों के लिए रसोई का धुआं वर्षों से एक बड़ी समस्या रहा है। लकड़ी और कोयले पर खाना बनाते हुए न सिर्फ महिलाओं के स्वास्थ्य पर असर पड़ता था, बल्कि समय और श्रम की भी भारी बर्बादी होती थी। इस योजना ने पहली बार उन लोगों तक गैस कनेक्शन पहुंचाया है, जो अब तक सिर्फ मजबूरी में महंगी गैस खरीदते थे या पारंपरिक ईंधन पर निर्भर थे।
बिना पते के भी अब मिलेगा अधिकार
फ्री ट्रेड एलपीजी योजना की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि जिन प्रवासी मजदूरों के पास स्थायी पता नहीं है, उन्हें भी बिना एड्रेस प्रूफ के गैस कनेक्शन दिया गया। यह कदम उन हजारों मजदूरों के लिए राहत बनकर आया है, जो काम की तलाश में गांव से बाहर आते हैं और बुनियादी सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं।
जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रविन्द्र प्रकाश गबेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर घर तक स्वच्छ ईंधन पहुंचे और कोई भी परिवार धुएं में जिंदगी जीने को मजबूर न हो। उन्होंने यह भी कहा कि प्रवासी श्रमिक हमारे विकास के साथी हैं और उन्हें सुविधाएं देना हमारी जिम्मेदारी है।
प्रबंधन और टीमवर्क की शानदार मिसाल
कार्यक्रम की सफलता में इण्डेन गैस के अधिकारियों और स्थानीय वितरकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सेल्स ऑफिसर तरुण साधवानी के मार्गदर्शन में सभी तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। वहीं समीर मित्तल और उनकी टीम ने सिलेंडरों की समय पर उपलब्धता और सुचारु वितरण सुनिश्चित किया।
गांव से उठी एक नई शुरुआत
इस कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य बलदेव कुर्रे, पालू राठौर, डॉ हितेश गबेल, श्रीमती सरिता सुरेन्द्र चौहान जनपद सदस्य,सरपंच श्रीमती नीमा छेदी लाल कंवर कान्हा घनश्य राठिया सरपंच, केशर चंद,भीष्म राज ,खेम साहू सहित कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया। भूपदेवपुर से उठी यह पहल अब आसपास के क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा बन रही है। यह सिर्फ गैस सिलेंडर का वितरण नहीं, बल्कि एक नई सोच, बेहतर स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन की शुरुआत है। जब योजनाएं सही हाथों तक पहुंचती हैं, तो बदलाव सिर्फ आंकड़ों में नहीं, लोगों की जिंदगी में दिखता है।



