रायपुर। मध्यप्रदेश के इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई 18 मौतों के बाद छत्तीसगढ़ रायपुर नगर निगम भी जागा है। 8 जनवरी को हुई मेयर इन काउंसिल की बैठक में जल बोर्ड के गठन का निर्णय लिया गया है। अब शहर में पीने के पानी की आपूर्ति, सीवेज प्रबंधन और जल संसाधनों के रखरखाव के लिए जल बोर्ड जिम्मेदार होगा।
वर्तमान में शहर में अलग-अलग जोन और वार्डों में जल वितरण, पाइप लाइन विस्तार कई दिक्कतें आ रही थी। इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए एक समर्पित जल बोर्ड का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही रूढ्ढष्ट की बैठक में कई फैसलों पर सहमति बनी। इसके साथ ही शहर में अब ड्रोन के जरिए प्रॉपर्टी टैक्स मैपिंग किया जाएगा। 8 जनवरी की शाम रूढ्ढष्ट की बैठक महापौर मीनल चौबे की अध्यक्षता और आयुक्त विश्वदीप समेत सभी रूढ्ढष्ट मेंबर और निगम अधिकारियों के उपस्थिति में हुई। जिसमे रायपुर शहर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इन निर्णयों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना, सडक़ और नाला निर्माण, पर्यावरण संरक्षण, वायु गुणवत्ता सुधार, नागरिक सुविधाओं का विस्तार तथा जनकल्याण से जुड़े विषय शामिल हैं।
मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत खालसा स्कूल के सामने से हटाए गए 69 दुकानदारों को क्रिस्टल आर्केड के सामने दुकान निर्माण कर व्यवस्थित रूप से बसाने का निर्णय लिया गया है। दुकान निर्माण पूर्ण होने के बाद जिला आबंटन समिति के माध्यम से दुकानों का आबंटन किया जायेगा। रायपुर शहर के 6 प्रमुख मार्गों को नो-फ्लेक्स जोन घोषित किया गया है, जहां अवैध फ्लेक्स, बैनर व पोस्टर पूर्णत: प्रतिबंधित रहेंगे जिससे शहर सुव्यवस्थित रहेगा। उल्लंघन की स्थिति में अनाधिकृत विज्ञापनों को तत्काल हटाकर जुर्माना लगाया जायेगा। इसे संबंधित जोन के जोन आयुक्त की जिम्मेदारी होगी। इन क्षेत्रों में केवल सरकारी विज्ञापनों को छूट दी गई है। रायपुर शहर की प्रमुख सडक़ों के डिवाइडर और विज्ञापन संरचनाएं शहर की सुंदरता और यातायात व्यवस्था से सीधे जुड़ी हैं। इनकी नियमित सफाई, पेंटिंग और हरियाली का रख-रखाव बहुत आवश्यक है। सीमित संसाधनों को देखते हुए यह जिम्मेदारी संबंधित विज्ञापन एजेंसियों को दी जा रही है। इससे रख-रखाव समय पर होगा। अवैध पोस्टर और अव्यवस्था पर भी प्रभावी नियंत्रण रहेगा।
देश में हुए हालिया घटनाक्रम को देखते हुए रायपुर शहर के तेजी से विस्तार और बढ़ती जनसंख्या के साथ जल आपूर्ति को देखते हुए जल बोर्ड के गठन का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में अलग-अलग जोन और वार्डों में जल वितरण, पाइप लाइन विस्तार एवं जल गुणवत्ता से जुड़ी समस्याओं के तुरंत समाधान में व्यवहारिक कठिनाइयों आ रही हैं। इन्हीं समस्याओं के स्थायी और प्रभावी समाधान के लिए नगर निगम एक समर्पित जल बोर्ड का गठन करेगा। इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से वामनराव लाखे वार्ड क्र.66 (रिंग रोड क्र.01, कुशालपुर) में पाईप लाइन पुशिंग काम की राशि रुपए 165.06 लाख की स्वीकृति दी गई। कुशालपुर क्षेत्र में पूर्व में लगातार जलभराव की स्थिति निर्मित होती रही है, जिससे नागरिकों को आवागमन व जनजीवन में असुविधा होती थी। उक्त समस्या के स्थायी समाधान व बारिश के दौरान जलनिकासी सुनिश्चित करने हेतु पाईप लाईन पुशिंग काम आवश्यक है। इस कार्य से क्षेत्र में जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी। वार्ड 51 अंतर्गत विधायक कॉलोनी से अविनाश वन होते हुए एन.एच.-53 तक नाला निर्माण कार्य हेतु रुपए 1.94 करोड की स्वीकृति दी गई है। इसी क्रम में लाभांडी गांव से छोकरा नाला तक नाला निर्माण कार्य की भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इन दोनों कार्यों से क्षेत्र की जलभराव एवं जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान होगा। टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर कार्य जल्द शुरू किए जाएंगे।
अमृत 2.0 मिशन के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित माइलस्टोन पूर्ण करने पर रायपुर नगर निगम को 15 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि मिली है। यह उपलब्धि शहर में 85 प्रतिशत से अधिक जल आपूर्ति कवरेज सुनिश्चित करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है। यह प्रोत्साहन राशि शहर के जल प्रबंधन स्वच्छता और आधारभूत संरचना को और मजबूत करने के लिए खर्च की जाएगी। ड्रोन आधारित प्रॉपर्टी टैक्स मैपिंग कार्य शहर में ड्रोन तकनीक से संपत्तियों का डिजिटल सर्वे एवं मैपिंग किया जाएगा जिसकी लागत राशि 5.80 करोड़ होगी। इससे कर प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी, कर चोरी रुकेगी और नगर निगम के राजस्व में वृद्धि होगी। रायपुर विकास योजना के अंतर्गत रायपुर के 18 प्रमुख रोड जंक्शनों का विकास किया जा रहा है, जिसकी लागत लगभग रूपए 10 करोड़ है। इससे ट्रैफिक जाम कम होगा, दुर्घटनाओं में कमी आएगी और आम नागरिकों को तेज व सुरक्षित आवागमन मिलेगा। जंक्शन के सुधार से शहर की सुंदरता बढ़ेगी और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। निविदा न्यूनतम दर पर स्वीकृत होने से निगम को आर्थिक लाभ भी हुआ है। 15वें वित्त आयोग अंतर्गत वायु गुणवत्ता सुधार के तहत कुल 2 प्रकरणों में शहर एवं ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के मार्गों पर बी.टी. टॉपिंग, पैच रिपेयर, सडक़ चौड़ीकरण, बी.टी. रिन्यूअल एवं ड्रेनेज कार्य हेतु 1.80 करोड़ रूपए एवं 2.16 करोड़ रूपए की राशि की स्वीकृति प्रदान की गई है।
जी.ई. रोड अंतर्गत टाटीबंध चौक से जयस्तंभ चौक होते हुए तेलीबांधा थाना मुख्य मार्ग। पचपेड़ी नाका चौक से लालपुर ओवरब्रिज तक। भगत सिंह चौक से छत्तीसगढ़ क्लब होते हुए केनाल रोड सिग्नल तक व सीएम हाउस सिविल लाइन के आसपास। एन.आई.टी. रायपुर से गोल चौक होते हुए रायपुरा चौक तक। जयस्तंभ चौक से कोतवाली चौक होते हुए बिजली ऑफिस चौक तक। महिला थाना चौक से बूढ़ेश्वर मंदिर चौक तक।
इंदौर में 18 मौतों के बाद जागा रायपुर निगम
जल बोर्ड बनेगा, ड्रोन से टैक्स-चोरों की निगरानी होगी



