नारायणपुर। कुनकुरी खण्ड के रायकेरा मंडल में रविवार को एक विशाल हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, सामाजिक कार्यकर्ता एवं संघ से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य सनातन संस्कृति की महत्ता, सामाजिक एकता एवं राष्ट्रहित के विषयों पर जनजागरूकता फैलाना रहा।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आदरणीय श्रीमान शौर्य प्रताप सिंह जूदेव उपाध्यक्ष, जिला पंचायत एवं राज्य युवा मोर्चा सदस्य रहे। मुख्य वक्ता के रूप में श्रीमान हरिओम शर्मा प्रांत कुटुंब प्रबोधन प्रमुख, छत्तीसगढ़ उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमान राजीव रंजन नंदे जिला संघचालक ने की।विशिष्ट अतिथियों में श्रीमान इंदर हेडा खण्ड संघचालक तथा श्रीमान शंभूनाथ चक्रवर्ती पर्यावरण संरक्षण गतिविधि, धार्मिक प्रांत प्रमुख एवं अध्यक्ष माटीकला बोर्ड, छत्तीसगढ़ शामिल रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिनमें स्थानीय कलाकारों ने सहभागिता निभाई। अतिथियों का पारंपरिक रूप से स्वागत एवं परिचय कराया गया, जिसके बाद वक्ताओं ने क्रमश: अपने विचार रखे।
मुख्य अतिथि श्रीमान शौर्य प्रताप सिंह जूदेव ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें यह विशाल हिंदू सम्मेलन भी एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को संगठित रहकर अपनी संस्कृति, सभ्यता एवं धर्म के प्रति सजग रहना चाहिए तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव बनाए रखना चाहिए। स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर सनातन धर्म की रक्षा हेतु कार्य किया और समाज को संगठित करने के लिए अनेक कार्यक्रम संचालित किए। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान समय में प्रबल प्रताप सिंह जूदेव जी द्वारा भी सामाजिक एवं धार्मिक जागरण के कार्य किए जा रहे हैं। श्री जूदेव ने कहा कि देश, धर्म और संस्कृति के विरोधी तत्वों की पहचान आवश्यक है तथा ‘सर्वे भवन्तु सुखिन:’ की भावना के साथ समाज को आगे बढऩा चाहिए।
मुख्य वक्ता हरिओम शर्मा ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संघ की स्थापना 27 सितंबर 1925 को नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी द्वारा की गई थी। उन्होंने कहा कि उस समय हिंदू समाज में व्याप्त विखराव, मतभेद और सामाजिक असंगठन के कारण समाज कमजोर हो रहा था, जिसे संगठित करने के उद्देश्य से संघ की स्थापना हुई।
श्री शर्मा ने पाँच परिवर्तन के पाँच प्रमुख बिंदुओं सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व का बोध,नागरिक कर्तव्य पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विशेष रूप से मातृशक्तियों से आह्वान किया कि वे इन मूल्यों को अपने घर से अपनाने की शुरुआत करें।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनसमूह द्वारा भारत माता की सामूहिक आरती की गई। तत्पश्चात प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम का समापन किया गया।
इस अवसर पर विशिष्ट रूप से उपस्थित रहे— उमेश सिंह सरपंच, कोमड़ो,श्रीमती मालती बाई सरपंच, बोड़ोकछार), श्रीमती अनिता होता बी.डी.सी., सह खण्ड संघचालक राधेश्याम, शंकर यादव, गोविंद यादव, विद्याधर सिंह, उदय शर्मा, अशोक चौहान, बिहारी नायक मंडल पालक, राजकुमार चौहान, देवचरण, मनीष हेडा, कर्नेल सिंह, शशिभूषण यादव मंडल कार्यवाह श्री दरगादास, पवन सिंह, गुलाब यादव, उमेश विश्वकर्मा, रवि यादव, देवराज यादव, संतोष सहाय,द्य विष्णु राय, दिगंबर दास, मनोज दास, बसंत यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
रायकेरा में हुआ विशाल हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन



