रायगढ़। शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति डॉ. ललित प्रकाश पटैरिया के संरक्षण एवं डॉ. तरुण धर दीवान, कुलसचिव के मार्गदर्शन में ‘‘वीर बाल दिवस’’ के अवसर पर व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मंचासिन अतिथियों द्वारा माता सरस्वती जी के मूर्ति के समक्ष दीप प्रज्जवलन एवं पुष्पांजलि अर्पित की गयी। मंचासिन अतिथियों का पुष्प गुच्छ से स्वागत किया गया।
डॉ. तरूण धर दीवान, कुलसचिव ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि भारत की धरती वीर और बलिदानियों की धरती रही है। इस पावन भूमि पर ऐसे अनेक महापुरुषों और वीर बालक जन्मे, जिन्होंने बहुत कम आयु में भी असाधारण साहस, अटूट श्रद्धा और अदम्य आत्मबल का परिचय दिया। उन्होंने बताया कि यह दिवस दसवें सिख गुरू गोबिंद सिंह महाराज के छोटे साहिबजादों – साहिबजादा बाबा जोरावर सिंह जी (09 वर्ष) और साहिबजादा बाबा फतेह सिंह जी (07 वर्ष) के अद्वितीय बलिदान को समर्पित है। वीर बाल दिवस मनाने का उद्देश्य देष के बच्चों और युवाओं को भारतीय इतिहास के उन अध्यायों से परिचित कराना है, जिनमें बाल अवस्था में भी धर्म, सत्य और आत्मसम्मान के लिए सर्वोच्च बलिदान दिए गए। 26 दिसम्बर का दिन इसलिए चुना गया क्योंकि इसी दिन सन् 1905 में साहिबजादों को मुगल शासक औरंगजेब के आदेश पर जिंदा दीवार में चुनवा दिया गया था। वीर बाल दिवस बच्चों में देषभक्ति की भावना जागृत करता है। यह दिन हमें आत्मसम्मान और दृढ़ निष्चय का महत्व सिखाता है। अत्याचारियों द्वारा बलपूर्वक धर्म परिवर्तन के विरोध में उन्हें जिंदा दिवारों में चुनवा दिया गया और वे वीरगति को प्राप्त हुए। साहिबजादों की यह शहादत केवल सिंख इतिहास ही नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए आस्था साहस और नैतिकता की अमर मिसाल है। उनका यह त्याग युगों-युगों तक मानवता का मार्गदर्शन करना रहेगा।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारियों श्रीमती एस.के. ठाकुर, वित्त अधिकारी, डॉ. रवीन्द्र कौर चौबे, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, डॉ. रोहिणी आर्या, प्रभारी अधिकारी स्थापनाध्प्रशासन, डॉ. नीरजा तिवारी सिंह, प्रभारी अधिकारी अकादमी एवं समस्त कर्मचारियों की गरिमामय उपस्थिति रहें। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन सुनील अग्रवाल, प्रभारी अधिकारी परीक्षा के द्वारा किया गया।
शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय में मनाया गया वीर बाल दिवस



