रायगढ़। अंचल के जाने-माने एवं वरिष्ठ दंत चिकित्सक डॉ. दुलीचंद अग्रवाल का रविवार को कयाघाट मुक्तिधाम में पूरे विधि-विधान और शोकाकुल वातावरण के बीच अंतिम संस्कार किया गया। जीवन भर मानव सेवा को समर्पित रहे डॉ. अग्रवाल को उनके बड़े पुत्र सुनील अग्रवाल ने मुखाग्नि दी। इस दौरान मुक्तिधाम परिसर शोक, श्रद्धा और मौन संवेदना से भर गया।
रविवार सुबह 9:30 बजे सीताराम कॉलोनी, चैतन्य नगर स्थित उनके निजी निवास गंगा नर्सिंग होम के पास से अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा में शहर ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। चिकित्सक, अधिवक्ता, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, राजनीतिक व व्यावसायिक जगत के प्रतिनिधि, औद्योगिक संस्थानों से जुड़े लोग और आम नागरिक बड़ी संख्या में अंतिम दर्शन हेतु पहुंचे।
डॉ. दुलीचंद अग्रवाल अग्रवाल समाज ही नहीं, बल्कि पूरे रायगढ़ अंचल में एक आदर्श चिकित्सक के रूप में जाने जाते थे। सरल जीवन, मधुर व्यवहार और निस्वार्थ सेवा उनकी पहचान थी। चिकित्सा को उन्होंने व्यवसाय नहीं, बल्कि सेवा और मानवता का माध्यम बनाया। यही कारण रहा कि उनके निधन से समाज के हर वर्ग में शोक की लहर देखी गई।
अंत्येष्टि के दौरान उपस्थित लोगों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि डॉ. अग्रवाल का जाना चिकित्सा जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके साथ जुड़े संस्मरणों को याद करते हुए अनेक लोग भावुक नजर आए। सभी ने उनके जीवन मूल्यों, सेवा भावना और सादगी को आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
अंतिम विदाई के अवसर पर तमाम शहरवासियों के साथ पी.एस. खोडियार, सतपाल बग्गा, प्रो. रामजीलाल अग्रवाल, जेठूराम मनहर, घनश्याम मनहर, नागेंद्र नेगी, जयंत ठेठवार, अनिल शुक्ला, अनूप बंसल, नारायण घोरे, पूर्व विधायक विजय अग्रवाल, गुरुपाल भल्ला, कुलदीप नरसिंह, आरिफ हुसैन, गौतम अग्रवाल, सुभाष त्रिपाठी, प्रो अंबिका वर्मा, युवराज सिंह आजाद, पवन अग्रवाल, आलोक अग्रवाल, दीपक अग्रवाल (अमलडीहा), बाबूलाल अग्रवाल, बजरंग लेनध्रा, सुरेश गोयल, संतोष राय, नाजिम भाई सहित खरसिया से नीरज पटेल, प्रिंस सलूजा, ओमी अग्रवाल, दीपक डोरा, श्रीकांत सोमवार, सुभाष पांडेय, पार्षद लक्ष्मी साहू, मुकेश जैन, कृष्णा केशरवानी, गणेश अग्रवाल, नंदू पटेल, राजेंद्र पांडेय, संजय देवांगन, मो. राज, हरेराम तिवारी, हरमीत घई, राजेश भारद्वाज, राहुल शर्मा, संदीप अग्रवाल, सौरभ अग्रवाल, मुरारी भट्ट, बसंत दास, अभिषेक दिनशा, श्रवण सिंघानिया, श्रवण अग्रवाल, विक्की सिंघानिया, सतीश शर्मा (ट्रांसपोर्टर), पल्ली भइया, अंकुर बंसल, पंकज गुप्ता, पवन शर्मा, डॉ. पीयूष अग्रवाल, डॉ. मनीष बेरिवाल, अनिल केडिया, आनंद बंसल, रॉबर्ट अग्रवाल (लाल टंकी) सहित हजारों लोग मौजूद रहे। डॉ. दुलीचंद अग्रवाल भले ही आज भौतिक रूप से हमारे बीच न हों, लेकिन अपनी निस्वार्थ सेवा, मानवीय संवेदनाओं और सरल व्यक्तित्व के कारण वे सदैव लोगों के हृदय में जीवित रहेंगे।
अंचल ने खोया अपना सेवाभावी चिकित्सक, डॉ. दुलीचंद अग्रवाल पंचतत्व में विलीन
कयाघाट मुक्तिधाम में बड़े पुत्र सुनील अग्रवाल ने दी मुखाग्नि, गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार, डॉक्टरों, वकीलों, समाजसेवियों व शहरवासियों सहित हजारों लोगों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई



