रायपुर। असम में उपचुनाव प्रचार के दौरान भूपेश बघेल और गौरव गोगोई के काफिले पर हुए हमले के मामले में ष्टरू साय ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में भी भूपेश बघेल का विरोध हुआ और असम में भी विरोध हो रहा है। वहीं भाजपा मुख्य प्रवक्ता और सांसद संतोष पांडे ने इसे कांग्रेस की गुटबाजी का असर बताया है।
सीएम साय ने कहा कि इसके पहले भूपेश बघेल पंजाब के प्रभारी थे, पंजाब में भी भूपेश बघेल का विरोध हुआ था। अब असम के प्रभारी बने और वहां भी विरोध हो रहा है। आज वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं का विरोध हो रहा है। कभी कांग्रेस देश और प्रदेश में राज करती थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीति अंग्रेजों की तरह फूट डालो और शासन करो है। उनका कहना है कि कांग्रेस की कथनी और करनी में बहुत फर्क है। जनता से जो वादा करते हैं वह पूरा नहीं करते हैं। छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस को जनता ने नकार दिया है।
कांग्रेस की गुटबाजी का असर
असम प्रदेश अध्यक्ष, असम सचिव और भूपेश बघेल पर जो हमला हुआ, इसमें पूरे तरीक़े से कांग्रेस के लोग शामिल है। असम में ऐसी घटनाएं कांग्रेस के घोर गुटबाजी का सीधा असर है। इस घटना को काँग्रेस दूसरे दलो पर डालने की जो कोशिशें की जा रही है इसमें सफल नहीं हो पाएंगे। भूपेश बघेल काँग्रेस को चुनाव हारता देख फ़ालतू के बयानबाजी कर रहें है। भूपेश बघेल को बताना चाहूँगा असम में काँग्रेस में भारी गुटबाजी है और यही गुटबाजी सडक़ पर सामने आ रही है। छत्तीसगढ़ में भी काँग्रेस के शासन में राज्य की दुर्गति हुई थी। काँग्रेस की मानसिकता लोगो को साफ़ नजर आती है। छत्तीसगढ़ में भी टीएस सिंहदेव, चरणदास महंत,बृहस्पति सिंह के साथ गुटबाजी सामने आई थी।
जहां जाते हैं वहां बंटाधार कर देते हैं- सांसद संतोष पांडे
भाजपा मुख्य प्रवक्ता और सांसद संतोष पांडे ने प्रेस वार्ता करते हुए जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि हम सबको स्मरण है। बिहार चुनाव के वक़्त पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ऑब्जर्वर बनकर पहुंचे हुए थे। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष, प्रभारी और अन्य नेताओं के साथ एयरपोर्ट पर झुमझटकी, प्रदर्शन हुआ था। इससे पूरा देश परिचित है। भूपेश बघेल जहां-जहां जाते हैं वहां बंटाधार कर देते हैं।



