नेपाल। नेपाल में कुदरत का कहर बरपा है। नेपाल में जलप्रलय ने रसुवा जिले में भारी तबाही मचाते हुए सबकुछ मिट्टी में मिला दिया। भोटेकोशी नदी में सुबह अचानक आए बाढ़ ने घर, पुल-पुलिया और गाडिय़ों को तिनके की तरह बहाकर अपने साथ ले गया। हादसे में अबतक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं हादसे के बाद से 105 भारतीय टूरिस्ट लापता है। जबकि इस हादसे में 1000 से ज्यादा लोगों के मरने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक, 105 भारतीय पर्यटकों समेत 300 से अधिक विदेशी पर्यटक लापता हैं। अब तक इन सभी का पता नहीं चल पाया है। राहत-बचाव के लिए 15 हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं।
पर्यटन और ट्रैवल कंपनियों से मिले शुरुआती रिकॉर्ड के मुताबिक, प्रभावित इलाकों से 384 यात्रियों के लापता होने की जानकारी मिली है। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। ट्रैवल एजेंसियों, गाइड, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर इन आंकड़ों की जांच की जा रही है। विदेशी पर्यटकों में भारतीयों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड्स, अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक शामिल हैं।
13 जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान
बाढ़ के तेज बहाव से 13 जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। कई परियोजनाओं के बांध, विद्युतगृह तथा पहुंच मार्ग को नुकसान पहुंचा है। बाजार और सीमा क्षेत्र में खड़े वाहन भी पानी में बह गए। नुकसान का पूरा आकलन जमीनी जांच के बाद किया जाएगा। बाढ़ के खतरे को देखते हुए काठमांडू ट्रैफिक पुलिस ने रसुवा, नुवाकोट, चितवन तथा धादिंग जाने वाले वाहनों की आवाजाही रोक दी है। नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी अलर्ट किया गया है।
बिहाऱ के 8 जिलों में हाईअलर्ट
वहीं नेपाल में आए कुदरत कहर को देखते हुए बिहार में हाई अलर्ट जारी किया गया है। नेपाल बॉर्डर से लगे बिहार के 8 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ एक्टिव मोड में है। बाढ़ के असर को देखते हुए बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर जिले में हाई अलर्ट जारी किया गया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने गंडक नदी में करीब 3 मीटर ऊंची फ्लैश फ्लड वेव आने की आशंका जताई है।
बिहार में मुख्य सचिव की हाई लेवल मीटिंग
नेपाल में बाढ़ के चलते मची तबाही के बाद बिहार में खास सतर्कता बरती जा रही है. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाढ़ के बाद स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित जिलों को सतर्क रहने और आवश्यक बचाव एवं राहत तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए। गंडक नदी से जुड़े जिलों में बाढ़ की स्थिति पैदा होने की संभावना को देखते हुए तैयारियां की जा रही हैं। बेतिया, मोतिहारी, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा सीतामढ़ी, शिवहर और अन्य संवेदनशील जिलों में भी स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।
गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार सीएम से की बात
गृह मंत्री अमित शाह ने नेपाल में बाढ़ को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बात की और तैयारियों की जानकारी ली। बिहार के भी कई इलाकों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। एनडीआरएफ की कई टीमों को 6 जिलों में भेजा गया है। कोसी, गंडक और गंगा के पास के इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।



