रायगढ़। जिले में सडक़ अधोसंरचना को मजबूत करने और आम लोगों के आवागमन को अधिक सुगम बनाने की दिशा में राज्य शासन ने चार महत्वपूर्ण सडक़ों के निर्माण एवं सतह मजबूतीकरण कार्यों के लिए करोड़ों रुपये की प्रशासकीय एवं तकनीकी स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप तथा वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी के विशेष प्रयासों से मिली इन स्वीकृतियों से जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सडक़ संपर्क व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। लंबे समय से इन प्रमुख मार्गों के निर्माण एवं नवीनीकरण की मांग की जा रही थी, जिसे राज्य शासन ने जन आकांक्षाओं और क्षेत्र की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मंजूरी दी है।

सबसे महत्वपूर्ण स्वीकृति राष्ट्रीय राजमार्ग ढिमरापुर चौक से कोतरा थाना एनएच तक सडक़ निर्माण के लिए मिली है। लगभग 4.250 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के निर्माण के लिए राज्य शासन ने 41 करोड़ 49 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस सडक़ के लिए 31 करोड़ 73 लाख रुपये की तकनीकी स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है। सडक़ निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी हो गई है और निर्माण कार्य प्रारंभ करने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। शहर के महत्वपूर्ण यातायात मार्गों में शामिल इस सडक़ के बेहतर होने से आवागमन सुगम होने के साथ यातायात व्यवस्था को भी राहत मिलेगी।
मेडिकल कॉलेज पहुंच मार्ग के लिए 10.13 करोड़
छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के अंतर्गत जिले की महत्वपूर्ण सडक़ों के सुदृढ़ीकरण, सतह मजबूतीकरण एवं नवीनीकरण कार्यों के लिए भी प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें रायगढ़ से एकताल ग्राम होते हुए मेडिकल कॉलेज पहुंच मार्ग शामिल है। लगभग 15.30 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के सुदृढ़ीकरण के लिए 10 करोड़ 13 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस मार्ग के बेहतर होने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के साथ मरीजों और उनके परिजनों को मेडिकल कॉलेज तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
रायगढ़-पुसौर मार्ग के लिए 7.43 करोड़ मंजूर
रायगढ़ से पुसौर मार्ग के 12.07 किलोमीटर हिस्से के सडक़ सुदृढ़ीकरण एवं नवीनीकरण कार्य के लिए 7 करोड़ 43 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। यह मार्ग रायगढ़ शहर को पुसौर क्षेत्र से जोडऩे वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। सडक़ की सतह मजबूत होने से इस मार्ग पर आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम होगा। इसी तरह पुसौर-रेंगालपाली से लारा (छोटे हरदी) तक 11.23 किलोमीटर सडक़ के सुदृढ़ीकरण एवं नवीनीकरण के लिए 6 करोड़ 45 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। इस मार्ग के बेहतर होने से क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और आसपास के क्षेत्रों के बीच सडक़ संपर्क और मजबूत होगा। इन चारों महत्वपूर्ण सडक़ों के लिए स्वीकृत राशि को देखें तो ढिमरापुर चौक-कोतरा थाना एनएच मार्ग के लिए स्वीकृत 41.49 करोड़ रुपये तथा प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के अंतर्गत तीन मार्गों के लिए स्वीकृत कुल 24.01 करोड़ रुपये को मिलाकर इन चार प्रमुख सडक़ परियोजनाओं के लिए लगभग 65 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है।
सडक़ निर्माण के साथ मरम्मत पर भी निगरानी
जिले में नई सडक़ परियोजनाओं को गति देने के साथ ही मौजूदा सडक़ों की स्थिति पर भी जिला प्रशासन लगातार नजर रख रहा है। जिले के भीतर विभिन्न मार्गों की स्थिति की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि जहां सडक़ें मरम्मत या संधारण योग्य हैं, वहां आवश्यकता के अनुसार तत्काल कार्रवाई की जा सके। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध विभिन्न मदों से आवश्यकतानुसार सडक़ों के मरम्मत एवं संधारण के कार्य भी कराए जा रहे हैं।
बरसात में आवागमन सुचारु रखने पर विशेष ध्यान
बरसात के दौरान सडक़ों की स्थिति प्रभावित होने और आमजनों को आवागमन में परेशानी की आशंका को देखते हुए प्रशासन द्वारा विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जलभराव, गड्ढों अथवा सडक़ की सतह खराब होने जैसी समस्याओं को चिन्हांकित कर आवश्यकतानुसार मरम्मत एवं संधारण कार्य कराए जा रहे हैं। प्रशासन का प्रयास है कि बारिश के दौरान जिले के किसी भी हिस्से में आम नागरिकों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इन चार प्रमुख मार्गों के अलावा जिले के ग्रामीण एवं खनन प्रभावित क्षेत्रों में सडक़ निर्माण, मरम्मत और सुदृढ़ीकरण के लिए भी विभिन्न कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में सडक़ संपर्क बेहतर होने के साथ ग्रामीणों को जिला मुख्यालय और अन्य प्रमुख स्थानों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। बेहतर सडक़ नेटवर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों से जुड़े आवागमन को भी गति मिलने की उम्मीद है।



