रायगढ़। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। इसी क्रम में वित्त मंत्री ओपी चौधरी के प्रयासों से रायगढ़ जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तमनार एवं धरमजयगढ़ विकासखण्ड के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कापू में जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) मद से संचालित पोषण पुनर्वास केन्द्र (एनआरसी) गंभीर कुपोषित बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। यहां बच्चों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय देखरेख, पौष्टिक आहार, नि:शुल्क उपचार एवं दवाइयों के साथ उनकी माताओं को आर्थिक सहायता, आवास और पोषण संबंधी प्रशिक्षण जैसी समग्र सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन दोनों केंद्रों के माध्यम से अब तक 456 गंभीर कुपोषित बच्चों को उपचार एवं पोषण पुनर्वास का लाभ मिल चुका है, जिससे ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में कुपोषण के खिलाफ चल रहे अभियान को नई मजबूती मिली है।
जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) से स्वीकृत राशि के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तमनार में पोषण पुनर्वास केन्द्र (एनआरसी) का संचालन किया जा रहा है। 29.48 लाख रुपये की स्वीकृत राशि से संचालित इस केंद्र में अब तक 367 गंभीर कुपोषित बच्चों को भर्ती कर उपचार एवं पोषण पुनर्वास का लाभ दिया गया है। विशेषज्ञ चिकित्सकीय देखरेख, पौष्टिक आहार और समुचित उपचार से बच्चों के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ है तथा उन्हें स्वस्थ जीवन की मुख्यधारा से जोडऩे में सफलता मिली है। इसी प्रकार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कापू में भी डीएमएफ मद से संचालित एनआरसी गंभीर कुपोषित बच्चों के लिए प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। लगभग 25 लाख रुपये की लागत से संचालित इस केंद्र में अब तक 89 बच्चों को भर्ती कर उपचार प्रदान किया गया। इनमें 73 बच्चे पूर्णत: स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए, जबकि 16 बच्चों का उपचार जारी है। उपचार प्राप्त बच्चों में 41 बालक एवं 48 बालिकाएं शामिल हैं। केंद्र में 74 माताओं ने अपने बच्चों के साथ रहकर उपचार प्रक्रिया में भागीदारी निभाई तथा बेड ऑक्यूपेंसी दर 100 प्रतिशत दर्ज की गई, जो केंद्र के प्रभावी संचालन को दर्शाती है।
एनआरसी केंद्रों में भर्ती बच्चों के साथ रहने वाली माताओं को सरकार की ओर से 2,250 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, ताकि उपचार अवधि के दौरान उनकी मजदूरी या आजीविका प्रभावित न हो। इसके साथ ही उनके लिए नि:शुल्क आवास, दिन में दो बार पौष्टिक भोजन एवं नाश्ते की व्यवस्था की जाती है। बच्चों को भर्ती अवधि के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, रक्त एवं मूत्र जांच, एक्स-रे, आवश्यक दवाइयां तथा अन्य सभी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। गंभीर कुपोषित बच्चों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए उन्हें विशेष एफ-75 एवं एफ-100 थैरेप्यूटिक मिल्क फॉर्मूला, पौष्टिक दलिया, खिचड़ी एवं अन्य संतुलित पोषण आहार दिया जाता है, जिससे उनका वजन तेजी से बढ़ सके। वहीं माताओं को शिशु देखभाल, स्तनपान, स्वच्छता, पोषण प्रबंधन तथा कम लागत में पौष्टिक आहार तैयार करने का व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इससे घर लौटने के बाद भी बच्चे स्वस्थ रहें और दोबारा कुपोषण का शिकार न हों, यह सुनिश्चित किया जा रहा है। उपचार के बाद बच्चों का नियमित फॉलोअप भी किया जाता है। समय-समय पर स्वास्थ्य जांच के लिए उन्हें पुन: अस्पताल बुलाया जाता है, ताकि उनके शारीरिक विकास पर सतत निगरानी रखी जा सके और आवश्यकता अनुसार चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जा सके। यह व्यवस्था बच्चों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य और पोषण स्तर को बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
डीएमएफ मद से संचालित तमनार एवं कापू के एनआरसी केंद्र आज रायगढ़ जिले में कुपोषण उन्मूलन के प्रभावी मॉडल के रूप में स्थापित हो चुके हैं। यहां गंभीर कुपोषित बच्चों को नया जीवन देने के साथ-साथ माताओं को भी पोषण, स्वच्छता एवं शिशु देखभाल संबंधी व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। जिला प्रशासन की सतत निगरानी में संचालित यह पहल ग्रामीण और आदिवासी अंचलों के बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षित भविष्य प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
तमनार व कापू के एनआरसी से सैकड़ों बच्चों को मिला नया जीवन
एनआरसी केंद्रों में बच्चों को मिल रहा नि:शुल्क उपचार, पौष्टिक आहार और माताओं को आर्थिक सहायता, तमनार में 367 और कापू में 89 गंभीर कुपोषित बच्चों का सफल उपचार, स्वस्थ भविष्य की ओर बढ़ रहा रायगढ़



