जशपुरनगर। महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों पर कठोर कार्रवाई की जशपुर पुलिस की प्रतिबद्धता को एक और सफलता मिली है। थाना फरसाबहार में दर्ज नाबालिग दिव्यांग बालिका से दुष्कर्म के गंभीर प्रकरण में विशेष न्यायालय (पॉक्सो), कुनकुरी ने आरोपी गजाधर पैंकरा (62 वर्ष), निवासी ग्राम बनगांव कनवारबस्ती, थाना फरसाबहार को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं रू.1,000 /- अर्थदण्ड से दण्डित किया है। घटना का विवरण इस प्रकार है- 17 सितंबर 2024 को थाना फरसाबहार में पीडि़ता की माता ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी 13 वर्षीय दिव्यांग (मूक-बधिर) पुत्री 14 सितम्बर 2024 को घर से बाहर गई थी। इसी दौरान गांव का निवासी गजाधर पैंकरा बालिका को बहला-फुसलाकर सुनसान स्थान पर ले गया और उसकी असहाय स्थिति का फायदा उठाकर उसके साथ दुष्कर्म किया, पीडि़ता के घर लौटने पर परिजनों ने उसके व्यवहार में परिवर्तन देखा। पूछताछ एवं सांकेतिक संवाद के माध्यम से घटना की जानकारी मिलने पर तत्काल थाना फरसाबहार में उक्त धारा का रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना फरसाबहार पुलिस ने तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की। पीडि़ता का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया, घटनास्थल का निरीक्षण किया गया, आवश्यक वैज्ञानिक एवं दस्तावेजी साक्ष्य संकलित किए गए तथा गवाहों के कथन दर्ज किए गए। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजते हुए न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।
न्यायाधीश (पॉक्सो), कुनकुरी द्वारा अभियोजन पक्ष के मौखिक, चिकित्सकीय, वैज्ञानिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण करने के उपरांत आरोपी गजाधर पैंकरा को भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(ट) के अपराध में दोषी ठहराया गया। माननीय न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास, रू.1,000 /- अर्थदण्ड तथा अर्थदण्ड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पीडि़ता को शासन की पीडि़त क्षतिपूर्ती योजना के तहत क्षतिपूर्ती प्रदान किए जाने के निर्देश भी जारी किए।
विवेचना एवं न्यायालयीन पैरवी
प्रकरण की विवेचना थाना फरसाबहार पुलिस द्वारा गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ करते हुए सभी आवश्यक साक्ष्य संकलित किए गए तथा समय-सीमा में अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रभावी न्यायालयीन पैरवी किए जाने के फलस्वरूप अभियुक्त को दोषसिद्धि एवं कठोर दण्ड प्राप्त हुआ। अभियोजन अधिकारियों द्वारा प्रकरण का गहन अध्ययन किया गया, प्रकरण में विषेष लोक अभियोजक द्वारा प्रभावी पैरवी की गई, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को कठोर दंड दिलाया जा सका। प्रकरण की विवेचना उप निरीक्षक सुरजन राम पोर्ते, स.उ.नि. प्रेमिका खलखो के द्वारा की गई।
जशपुर पुलिस की अपील
पुलिस महिलाओं एवं बच्चों, विशेषकर नाबालिग एवं दिव्यांग बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के मामलों में शून्य सहिष्णुता की नीति पर कार्य कर रही है। ऐसे मामलों में त्वरित रिपोर्टिंग, वैज्ञानिक विवेचना एवं प्रभावी अभियोजन के माध्यम से दोषियों को कठोर दण्ड दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
दुष्कर्मी गजाधर पैंकरा को 20 वर्ष के सश्रम कारावास
भानूप्रताप सिंह त्यागी, विषेष न्यायाधीष ‘पॉक्सो’ कुनकुरी ने सुनाई सजा



