रायगढ़। विद्युत विभाग द्वारा बिजली बिल भुगतान व्यवस्था में अगले माह से बड़ा बदलाव करने जा रही है। इसके तहत जिले के सरकारी आफिसों बिजली कनेक्शन को प्रीपेड प्रणाली से संचालित की जाएगी। जिसके तहत सरकारी कार्यालयों में बिजली आपूर्ति मोबाइल रिचार्ज की तहत अग्रिम राशि जमा करने के बाद ही बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। जिसके लिए विद्युत विभाग के अधिकारी जोर-शोर से लगे हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि जिले के सरकारी आफिसों के विद्युत मीटर को एक अगस्त से प्रीपेड करना है, जिसको लेकर बिजली विभाग जोर-शोर से तैयारी में जुटी हुई है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि जिले में करीब सभी शासकीय आफिसों में मीटर लग गए हैं, कुछ बचे है, जिनका कार्य तेजी से चल रहा है, जो एक-दो दिन में पूरा हो जाएगा। वहीं इसको प्रपेड करने के लिए दो दो फेज में विभाजित किया जा रहा है। जिसमें पहले फेज में सिर्फ जिला व ब्लाक मुख्यालय को रखा गया है। इसका काम पूर्ण होने के बाद बाकी आफिसों को किया जाएगा। साथ ही अधिकारियों का कहना है कि जून तक स्थिति में करीब 118 करोड़ रुपए बिजली बकाया है, जिसमें करीब पांच करोड रुपए और जुलाई का जुडऩे की संभावना है। इसके बाद इस बिल को अलग रखा जाएगा। जबकि एक अगस्त से बिजली आपूर्ति पूरी तरह से अग्रिम भुगतान के आधार पर होगा और पूराने बकाया को किश्तों में वसूली की जाएगी। ऐसे में इस यह नई प्रणाली व्यवस्था के प्रभावी होने के बाद विभाग को शासकीय आफिसों से बिल वसूली की झंझट से जहां राहत मिलेगी तो वहीं बिजली खपत में भी कमी आने की बात कही जा रही है। हालांकि इसके लिए अभी विभाग द्वारा शिविर भी आयोजित किया जाना है, जिसके तहत सरकारी विभागों को अलग-अलग यूनिक कोड आबंटित किए जाएंगे, साथ ही प्रत्येक विभाग में भुगतान और समन्वय के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त होंगे, जो जिला स्तर पर विभागों के औसत मासिक बिजली बिल का आंकलन कर अग्रिम राशि तय करेगी और संबंधित अधिकारियों को नई व्यवस्था की जानकारी दे कर अग्रिम राशि जमा कराएगी। उसके बाद ही उन विभागों की बिजली व्यवस्था बहाल हो सकेगी। सीएसपीडीसीएल का मानना है कि इस नई व्यवस्था से सरकारी विभागों में बढ़ते बिजली बिल बकाया पर नियंत्रण होगा ही साथ ही समय पर भुगतान भी सुनिश्चित होगा, इसके अलावा बिजली खपत में भी कमी आएगी। साथ ही बिजली वितरण प्रणाली इस व्यवस्था से अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बन सकेगी। इस संबंध में ईई आरके राव ने बताया कि जिले के सरकारी आफिसों में हर माह करीब पांच करोड से अधिक रुपए की बिजली खपत होती है। ऐसें में अब यह राशि विद्युत विभाग को पहले देना होगा, इसके बाद ही बिजली का उपयोग हो सकेगा। साथ ही संबंधित विभाग अपने अपने यूनिक कोड से बिजली खपत और कितने राशि उनके खाते में बचे है इसकी भी जांच कर सकेंगे।
जिले में 11 हजार 291 कनेक्शन
विद्युत विभाग के अनुसार जिले के सरकारी आफिसों में करीब 11 हजार 291 कनेक्शन है, जिसमें से करीब 10 हजार से अधिक जगहों पर मीटर लग चुके हैं, वहीं कुछ जगह बचे हुए हैं, वहां पर मीटर लगाने का कार्य तेजी से चल रहा है। ऐसे में इस माह के अंत तक मीटर लगाने का कार्य पूर्ण हो जाएग। जिसके बाद पहले फेज में जिला व ब्लाक मुख्यालय के आफिसों को प्रीपेड से लैस किया जाएगा। जिससे इन आफिसों में एक अगस्त से यह नई प्रणाली शुरू हो जाएगी। वहीं बाकी बचे ग्रामीण क्षेत्र के आफिसों को भी जल्द ही प्रीपेड बिल की व्यवस्था चालू की जाएगी।
किश्तों में होगी बकाया वसूली
उल्लेखनीय है कि जिले के शासकीय आफिसों में करीब 118 करोड रुपए जून तक स्थिति में बिजली बिल बकाया है। वहीं अब जुलाई माह का राशि जुड़ जाएगा तो करीब पांच करोड रुपए और बढ़ जाएगा। ऐसे में इस राशि की वसूली के लिए विभाग द्वारा चार किश्तों में बांटा जाएगा और उस राशि को हर माह के रिचार्ज में जोडकऱ वसूली की जाएगी। इससे अगले चार माह में शासकीय आफिसों से बकाया पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। उसके बाद अग्रिम रिचार्ज पर ही उनको बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।



