सारंगढ़। एक तरफ सरकार सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के लिए पीएम श्री योजना के तहत करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है, वहीं दूसरी तरफ इसी योजना के तहत आने वाले जिले के एक नामी पीएम श्री स्कूल में भ्रष्टाचार का ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने शिक्षा विभाग और सरकारी वेतन भुगतान व्यवस्था की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं।
सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, स्कूल का एक रसूखदार कर्मचारी पिछले करीब तीन वर्षों से बिना किसी पूर्व सूचना या स्वीकृत अवकाश के ड्यूटी से नदारद है। लेकिन अब विभाग की नाक के नीचे उसी अनुपस्थित कर्मचारी का पिछले तीन साल का पूरा वेतन आहरित (निकालने) करने की फाइल तेजी से दौड़ाई जा रही है। विभागीय सूत्रों का दावा है कि इस पूरे महा-घोटाले को अंजाम देने के लिए स्कूल के मुख्य उपस्थिति रजिस्टर और अन्य सरकारी दस्तावेजों में भारी हेरफेर की जा रही है।
सूत्रों ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि गायब कर्मचारी की जगह स्कूल की ही एक अन्य महिला कर्मचारी से उपस्थिति रजिस्टर पर फर्जी हस्ताक्षर करवाए जा रहे हैं। अब तक पिछले तीन सालों की बैक-डेटेड उपस्थिति दिखाने के लिए दर्जनों फर्जी हस्ताक्षर किए जा चुके हैं, ताकि कागजी तौर पर कर्मचारी को ‘प्रेजेंट’ दिखाया जा सके और ऑडिट में कोई पकड़ न सके। यह पूरा खेल केवल कागजी हेराफेरी का नहीं, बल्कि सीधे तौर पर सरकारी खजाने की डकैती का है। सूत्रों के मुताबिक, 3 साल से अधिक समय से गायब रहे इस कर्मचारी का कुल एरियर (वेतन) 10 लाख रुपये से अधिक बन रहा है। इस भारी-भरकम राशि को ठिकाने लगाने के लिए स्कूल के ‘प्रिंसिपल साहब’ और संबंधित अनुपस्थित कर्मचारी के बीच एक मोटी डील हुई है। सौदा सीधे ‘आधा-आधा’ (50-50 प्रतिशत) का तय हुआ है। यानी सरकारी खजाने से निकलने वाले लाखों रुपये सीधे तौर पर इन दोनों की जेबों में बंटेंगे। इस डील के फाइनल होते ही स्कूल में फर्जीवाड़े के खेल ने रफ्तार पकड़ ली है और महज कुछ ही दिनों के भीतर इस मोटी रकम को बैंक खातों से आहरित करने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
पीएम श्री स्कूल में 3 साल से गायब कर्मचारी का वेतन निकालने की साजि़श?



