रायगढ़। यात्री ट्रेने अपनी निर्धारित समय से चलने के बावजूद बिलासपुर जोन में पहुंचते ही उसकी स्पीड सायकल जैसी हो जा रह है। जिसके चलते जहां पैसेंजर ट्रेने बिलासपुर से रायगढ़ तक तीन घंटा में पहुंचती है, तो वहीं जनशताब्दी एक्सप्रेस चार से पांच घंटे का हर दिन समय ले रही है। इससे सफर करने वाले यात्री विगत लंबे समय से परेशान है, लेकिन इसके बाद भी इसकी चाल में सुधार होता नजर नहीं आ रहा है।
उल्लेखनीय है कि रेलवे विभाग द्वारा यात्री सुविधा बढ़ाने के नाम पर लाइन विस्तार से लेकर अन्य सुविधाओं का लगातार विस्तार कर रही है, लेकिन इसका उपयोग सिर्फ माल ढुलाई में किया जाता है। यही कारण है कि जब यात्री ट्रेने बिलासपुर जोन में प्रवेश करती है, तो उसको अलग-अलग जगह रोककर मालगाडिय़ों को निकाला जा रहा है। इसके चलते जो यात्री ट्रेन में बैठे हैं वो तो परेशान हो रही है, साथ ही जो यात्री ट्रेन के इंतजार कर रहे हैं, उनको भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन इसके बावजूद रेलवे विभाग ट्रेनों के चाल सुधारने को लेकर कोई पहल करता नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में देखा जाए तो विगत कुछ माह से जनशताब्दी से लेकर उत्कल एक्सप्रेस के अलावा अन्य एक्सप्रेस ट्रेने घंटों विलंब से चल रही है, जिसकी बीच-बीच में शिकायत भी दर्ज कराई जाती है, लेकिन उसके बाद भी परिचालन में सुधार होता नजर नहीं आ रहा है। इससे अब स्थिति ऐसी बन गई है जितनी दूरी तय करने में पैसेंजर ट्रेनों को तीन घंटा लगता है, उतनी ही दूरी इन दिनों एक्सप्रेस को तय करने में चार से पांच घंटे का समय लग रहा है। इसको लेकर अब रेलवे विभाग के प्रति लोगों में आक्रोश पनपने लगा है। वहीं यात्रियों का कहना है कि रेलवे विभाग एक्सप्रेस व सुपर फास्ट का किराया लेकर पैसेंजर की भी सेवा देने में असमर्थ है। हालांकि यह समस्या बिलासपुर जोन में ही देखने को मिल रही है, क्योंकि अगर जनशताब्दी एक्सप्रेस को ही देखा जाए तो इस ट्रेन में दैनिक यात्री, नौकरी पेशा और छात्र हर दिन सफर करते हैं, लेकिन इसकी लेट-लतीफी इस कदर है कि कोई भी यात्री अपने समय पर नहीं पहुंच रहा है। वहीं देखा जाए तो इस ट्रेन के वापसी में रायगढ़ पहुंचने का समय रात 10 बजे है, लेकिन विगत लंबे समय से कभी भी अपने निर्धारित समय नहंीं पहुंचती है, इससे हर दिन कभी रात 12 बजे तो कभी एक बजे पहुंचती है, इससे इसमें सफर करने वाले यात्रियों को दूसरे दिन भी परेशान होना पड़ता है।
मालगाडी को ज्यादा प्राथमिकता
विगत कुछ साल से रेलवे विभाग के बिलासपुर जोन यात्रियों की सुविधा को दर किनार कर सिर्फ माल ढुलाई पर ध्यान दे रही है। यही कारण है कि यात्री ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर खड़ी कर दो से तीन मालगाडिय़ों को निकाला जाता है, इसके बाद 5-10 किलोमीटर चलाकर फिर से रोक दिया जाता है और मालगाडी निकाते हैं, यही कारण है कि बिलासपुर जोन से गुजरने वाली लगभग सभी यात्री ट्रेने लेट से अपने गंतब्य तक पहुंचती है। इससे ट्रेन में बैठने वाले यात्रियों के साथ स्टेशन में इंतजार करने वाले यात्री हर दिन परेशान हो रहे हैं। इससे रेलवे विभाग के प्रति यात्रियों में काफी आक्रोश पनप रहा है। जो कभी भी आंदोलन का रूप ले सकता है।
लाइन विस्तार के बाद नहीं सुधार
उल्लेखनीय है कि बिलासपुर जोन में पहले दो लाइन था, तो देरी होती थी, इसके बाद तीन लाइन हुआ और अब चौथी लाइन भी पूरी होने वाली है, लेकिन जितने लाइन का विस्तार हो रहा है, उससे अधिक मालगाडिय़ों की संख्या बढ़ाई जा रही है। ऐसे में देखा जाए तो यात्री ट्रेनों की संख्या में कुछ खास वृद्धि नहीं हुई है, इसके बाद भी कोई ट्रेन समय से नहीं चल रही है। इससे रेलवे विभाग खुद का फायदा देखते हुए आमजन की सुविधा में बाधा उत्पन कर रही है। जो सबसे ज्यादा बिलासपुर जोन में देखने को मिल रहा है।
7 घंटा देरी से पहुंची उत्कल एक्सप्रेस
वहीं ट्रेनों के परिचालन पर नजर डालें तो जनशब्ताब्दी एक्सप्रेस के रायगढ़ पहुंचने का समय रात करीब 10 बजे है, लेकिन यह विगत लंबे समय से कभी 12 बजे तो कभी 1 बजे रात में पहुंच रही है। जो अलग-अलग स्टेशनेां में खड़ी होकर मालगाडिय़ों को पार करती है, जिसके चलते इस ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों का हर दिन समस्या हो रही है। वहीं गुरुवार को ऋषिकेश से चलकर पुरी तक जाने वाली उत्कल एक्सप्रेस अपने निर्धारित सयम से 7 घंटा देरी से शाम करीब 6.17 बजे रायगढ़ पहुंची थी। इसी तरह डाउन दिशा से आने वाली ट्रेन नंबर 12905 शालीमाल सुपर फास्ट का रायगढ़ में शाम 6.08 बजे समय है, लेकिन यह ट्रेन रात करीब 9 बजे पहुंची थी। इसी तरह पूणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस भी डेढ़ घंटा देरी से रात 8 बजे पहुंची थी। इसी तरह अप दिशा से आने वाली हावड़ा-पुणे आजाद हिंद सुबह करीब 8.43 बजे पहुंची, साथ ही हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस करीब पौने दो घंटा देरी से सुबह 10.05 बजे पहुंची, वहीं इंदौर-पुरी हमसफर एक्सप्रेस का समय सुबह 8.55 बजे है जो 11.46 बजे रायगढ़ पहुंची थी।
अधिकारी नहीं देते जवाब
ट्रेनों के लेट-लतीफी के संबंध में किसी भी अधिकारी से बात करने पर सही जवाब देने के बजाय टाल-मटोल करते नजर आते हैं। ऐसे में अधिकारियों का भी मानना है कि बिलासपुर जोन में माल ढुलाई अधिक होने से यात्री गाडिय़ों को प्रभावित किया जा रहा है।



