रायगढ़। जिले में नाबालिग लडक़ी को राजस्थान ले जाकर 20 हजार रुपए में बेचने की साजिश रचने मामले में पुलिस ने 4 साल से फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को जशपुर जिले से पकड़ा गया। इससे पहले इस मामले में तीन आरोपियों को साल 2022 में ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। मामला धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र का है।
पुलिस के अनुसार, 28 जून 2022 को एक 17 वर्षीय बालिका के पिता ने धरमजयगढ़ थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी 23 जून 2022 की शाम घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चलने पर अपहरण की आशंका जताई गई थी।
जांच के दौरान मध्यप्रदेश के अनुपपुर रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल ने बालिका को ट्रेन से दो संदिग्धों हीरालाल चौहान और देवलाल तिग्गा के साथ बरामद किया था। सूचना मिलने पर धरमजयगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और बालिका को सुरक्षित वापस लेकर आई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि हीरालाल चौहान, देवलाल तिग्गा, रामपाल यादव और रामा चौहान ने मिलकर बालिका को बहला-फुसलाकर राजस्थान ले जाने की योजना बनाई थी। वहां शादी कराने के नाम पर उसे 20 हजार रुपए में बेचने की साजिश रची गई थी। इसके बाद पुलिस ने मानव तस्करी समेत अन्य गंभीर धाराएं जोडक़र मामला दर्ज किया।
इस मामले में साल 2022 में ही हीरालाल चौहान, देवलाल तिग्गा और रामपाल यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया था। जबकि चौथा आरोपी रामा चौहान (35), निवासी ग्राम जोराडोल, जिला जशपुर, लगातार फरार चल रहा था। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत फरार आरोपियों की तलाश के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि रामा चौहान अपने गांव जोराडोल आया हुआ है। सूचना पर धरमजयगढ़ थाना प्रभारी राजेश जांगड़े के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
मानव तस्करी के आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा-एसएसपी
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराधों में शामिल किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा। ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत वर्षों से फरार अपराधियों की लगातार गिरफ्तारी की जा रही है और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।



