सक्ती। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) बिलासपुर ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत सक्ती के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) निखिल कश्यप, सहायक ग्रेड-3 (बाबू) अविनाश ठाकुर तथा कार्यालय के भृत्य लच्छन भानु को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत स्वीकृत विकास कार्यों की राशि का चेक जारी करने के बदले कुल 2 लाख रुपये रिश्वत की मांग की गई थी।
एसीबी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम लिमतरा निवासी अरुण कुमार भारद्वाज ने शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी माता ग्राम पंचायत लिमतरा की सरपंच हैं। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत पंचायत में निर्मला घाट, नाली निर्माण सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे। इनमें से 8 लाख रुपये की राशि का चेक पहले जारी किया जा चुका था, जबकि शेष 12 लाख रुपये का भुगतान लंबित था। शिकायतकर्ता के अनुसार, शेष राशि का चेक जारी कराने के लिए जब उन्होंने जनपद पंचायत सक्ती के सीईओ निखिल कश्यप और बाबू अविनाश ठाकुर से संपर्क किया, तब दोनों ने 2 लाख रुपये कमीशन के रूप में रिश्वत की मांग की।
पहली किश्त पहले ही ले चुके थे आरोपी
शिकायत मिलने के बाद एसीबी बिलासपुर ने मामले का सत्यापन किया। जांच में पता चला कि आरोपी अविनाश ठाकुर ने कार्यालय के भृत्य लच्छन भानु के माध्यम से रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 1 लाख रुपये पहले ही प्राप्त कर लिए थे। इसके बाद शेष 1 लाख रुपये की मांग लगातार की जा रही थी।
रिश्वत लेते ही दबोच लिए गए आरोपी
योजना के तहत 15 जून 2026 को एसीबी की ट्रैप टीम ने शिकायतकर्ता को जनपद पंचायत कार्यालय सक्ती भेजा। आरोप है कि सीईओ निखिल कश्यप ने रिश्वत की राशि बाबू अविनाश ठाकुर को लेने के लिए कहा, जबकि अविनाश ठाकुर ने रकम कार्यालय के भृत्य लच्छन भानु को लेने का निर्देश दिया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने 1 लाख रुपये की रिश्वत राशि लच्छन भानु को सौंपी, पहले से घात लगाए बैठी एसीबी टीम ने तत्काल दबिश देकर तीनों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का मामला दर्ज
एसीबी ने जनपद सीईओ निखिल कश्यप, बाबू अविनाश ठाकुर और भृत्य लच्छन भानु के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित) की धारा 7 एवं 12 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। तीनों के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
दो वर्षों में एसीबी बिलासपुर की 51वीं कार्रवाई
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो वर्षों के दौरान यह बिलासपुर इकाई की 51वीं सफल ट्रैप कार्रवाई है। इसे क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। जनपद पंचायत के एक जिम्मेदार अधिकारी के रिश्वत प्रकरण में पकड़े जाने से प्रशासनिक महकमे में हडक़ंप मच गया है और पूरे जिले में इस कार्रवाई की चर्चा हो रही है।
सक्ती जनपद पंचायत में एसीबी की बड़ी कार्रवाई, सीईओ समेत तीन कर्मचारी एक लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार



