रायगढ़। तीन दिन पहले जिला जेल में बंद एक युवक की अचानक तबीयत बिगडने पर उपचार के लिए मेडिकल कालेज अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और मारपीट का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा मचाया। उक्त मामला कोतरारोड थाना क्षेत्र की है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार कोतरारोड थाना क्षेत्र के ग्राम नवापारा निवासी संजय बघेल पिता प्यारे लाल बघेल (30 वर्ष) को तीन दिन पहले कोतरारोड पुलिस ने शराब मामले में गिरफ्तार कर जिला जेल भेज दिया था। इस दौरान शनिवार को सुबह अचानक बंदी संजय बघेल की तबीयत बिगडऩे पर जेल के कर्मचारियों द्वारा उसे उपचार के लिए मेडिकल कालेज अस्पताल लाया गया, जहां कुछ ही देर उपचार के बाद उसकी मौत हो गई। जिससे घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मेडिकल कालेज अस्पताल पहुंचे और संदिग्ध मौत को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि संजय पूरी तरह से स्वस्थ था, ऐसे में जेल जाने के बाद उसकी कैसे तबीयत बिगड़ी मौत हो गई, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही यह भी आरोप लगाया है कि जेल में उसके साथ मारपीट की गई है, जिसके चलते मौत हुई है, ऐसे में संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं अस्पताल से भेजी गई तहरीर पर चक्रधरनगर पुलिस ने मर्ग कायम कर पीएम की कार्रवाई शुरू की तो ग्रामीणों ने इसका जमकर विरोध किया, जिसके चलते शनिवार को उसका पोस्टमार्टम नहीं हो पाया है।
अस्पताल में मचाया बवाल
शनिवार को दोपहर में जब शराब मामले में जेल में बंद संजय बघेल की मौत की सूचना मिली तो बड़ी संख्या में ग्रामीण मेडिकल कालेज अस्पताल के मरच्यूरी पहुंच गए, जहां उन्होंने मृतक के शव देखने की मांग की, लेकिन पुलिस ने शव दिखाने से मना कर दिया। ऐसे में ग्रामीणों का कहना था कि उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिसके चलते उसकी मौत हुई, इसी बात को लेकर घंटों बवाल की स्थिति बनी रही।
पुलिस वाले से भीड़े ग्रामीण
इस घटना को लेकर अस्पताल पहुंचे ग्रामीणों ने मौके पर मौजूद पुलिस वालों से भीड़ गए थे, उनका कहना था कि अगर शराब तस्करी में उसकी गिरफ्तारी हुई थी, तो उसके साथ बेरहमी से मारपीट क्यों की गई, क्योंकि बगैर मारपीट के उसकी मौत नहीं हो सकती। ऐसे में उसके मौत के कारणों का बारिकी से जांच होनी चाहिए। साथ ही जब उसके परिजन शव देखने की बात कही तो पुलिस वालों ने उसे रोक दिया, जिससे पुलिस को खरी-खोटी सुनाते हुए पोस्टमार्टम पर रोक लगा दिया, इससे देर शाम तक अस्पताल में गहमा-गहमी की स्थिति बनी रही।



