रायगढ़। जिले का इकलौता सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज आजकल अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है। किरोड़ीमल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी केआईटी की हालत देखकर कोई भी अपना माथा पीट लेगा। जो कॉलेज कभी इंजीनियर बनाता था वह अब दूसरे विभागों की धर्मशाला बन गया है। 120 कमरों की शानदार बिल्डिंग वाले इस कॉलेज का खुद का वजूद अब सिर्फ 12 कमरों में सिमट गया है और बाकी कमरों में मेहमानों ने कब्जा जमा लिया है।
यहां पढ़ाने वाले गुरुजनों का हाल तो छात्रों से भी बुरा है। कॉलेज के 60 कर्मचारियों और प्रोफेसरों की हालत ऐसी है कि किसी को भी तरस आ जाए। पिछले 48 महीनों से स्टाफ को एक रुपये की तनख्वाह नहीं मिली है।शासन पर इन कर्मचारियों का करीब 13 करोड़ रुपये का वेतन बकाया है। घर का राशन और खर्चा चलाने के लिए प्रोफेसरों ने अपनी पीएफ की रकम तक निकाल ली।कई लोगों ने अपने सोने चांदी के जेवर और जमा पूंजी बेचकर दिन काटे हैं।सरकार से उम्मीद हार चुके कर्मचारी अब कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं।
तीन साल से जीरो एडमिशन अब सिर्फ 25 छात्रों के भरोसे कॉलेज
सिस्टम की लेटलतीफी और बेरुखी का आलम यह है कि पिछले तीन साल से यहां नए बच्चों का एडमिशन ही बंद है। बिना किसी आधिकारिक आदेश के ही कॉलेज को जीरो ईयर में डाल दिया गया है। फिलहाल फाइनल ईयर के सिर्फ 25 छात्र ही यहां पढ़ाई कर रहे हैं। कुछ महीनों में जब ये छात्र परीक्षा देकर निकल जाएंगे तो कॉलेज में छात्रों की संख्या जीरो हो जाएगी।
किरायेदारों की मौज व मकान मालिक की फजीहत
केआईटी के सर्वसुविधायुक्त कैंपस को देखकर दूसरे विभागों की लार टपक रही है। कॉलेज की बिल्डिंग में अब बाकी लोगों ने अपना डेरा जमा लिया है। इसी कैंपस में अब यूनिवर्सिटी उद्यानिकी कॉलेज और नव गुरुकुल मजे से चल रहे हैं।खबर है कि नर्सिंग और एकलव्य आवासीय स्कूल भी जल्द ही इसी बिल्डिंग के कुछ कमरे लेने की तैयारी में हैं। केआईटी के स्टाफ को उम्मीद थी कि इस संस्थान को पीजीआईटी बनाया जाएगा लेकिन वह तोहफा भी पॉलिटेक्निक कॉलेज को दे दिया गया।
10 हजार पूर्व छात्रों की डिग्री के रिकॉर्ड पर मंडराया खतरा
अगर सरकारी अनदेखी से यह कॉलेज बंद होता है तो सिर्फ मौजूदा स्टाफ सडक़ पर नहीं आएगा बल्कि पुराने छात्रों की फजीहत हो जाएगी। पिछले 25 सालों में यहां से 10 हजार से ज्यादा छात्र पढक़र निकले हैं। देश और दुनिया के अलग अलग कोनों में नौकरी कर रहे इन छात्रों के मार्कशीट वेरिफिकेशन के लिए रोज कॉलेज में मेल आते हैं। अगर कॉलेज के ताले लग गए तो इन 10 हजार छात्रों का पुराना रिकॉर्ड और भविष्य दोनों राम भरोसे हो जाएंगे।
13 करोड के उधार की बैसाखी पर टिका रायगढ़ केआईटी कालेज
120 कमरों की शानदार बिल्डिंग में बचे सिर्फ 25 छात्र, क्या रायगढ़ केआईटी को खत्म करने की चल रही तैयारी!



