रायपुर। प्रदेश में इस बार ईद-उल-अजहा यानी बकरीद को लेकर प्रशासन और वक्फ बोर्ड पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और स्वच्छता बनाए रखने के लिए वक्फ बोर्ड ने राज्यभर में सख्त गाइडलाइन जारी की है। निर्देशों के अनुसार खुले स्थानों पर कुर्बानी, डीजे बजाने और धार्मिक आयोजनों में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जबकि 6 से 11 बजे तक नमाज पढ़ी जाएगी। इस बीच शिफ्ट में नमाज पढऩी होगी। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा कि पिछले साल से ही नमाज शिफ्ट में अदा की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि नियम तोडऩे पर 50 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, रायगढ़ में ईद-उल-अजहा (बकरीद) को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों ने पूरी तैयारी कर ली है। कुर्बानी के एक से डेढ़ लाख रुपए तक के बकरे खरीदे गए हैं। पंजाब से बीटल नस्ल और ओडिशा समेत आसपास के जिलों से भी बकरे मंगाए गए हैं।
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सार्वजनिक स्थानों, सडक़ों, मैदानों और खुले इलाकों में कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी। कुर्बानी केवल अधिकृत स्लॉटर हाउस या निजी परिसरों के भीतर ही की जा सकेगी। वहीं, प्रशासन का कहना है कि यह फैसला स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने और अन्य समुदायों की भावनाओं का सम्मान करने के उद्देश्य से लिया गया है। इसके साथ ही नगर निगम की टीमों को सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज के अनुसार त्योहार के दौरान डीजे और तेज आवाज में साउंड सिस्टम बजाने पर भी सख्ती रहेगी। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज में डीजे बजाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी करेंगी। ईद-उल-अजहा की नमाज को लेकर भी समय तय किया गया है। राज्यभर की प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज सुबह 6 बजे से 11 बजे के बीच अदा की जाएगी। प्रशासन के मुताबिक इससे ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था संभालने में आसानी होगी। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने दैनिक भास्कर से चर्चा के दौरान कहा कि वर्तमान में जारी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन हो रहा है। छत्तीसगढ़ में सडक़ों पर नमाज नहीं पढ़ी जा रही है।
रायगढ़ में बकरीद की तैयारियां कर ली है। समाज के लोग एक महीने पहले से ही बकरों की खरीद में जुटे हुए थे। इस दौरान एक से डेढ़ लाख रुपए तक के बकरे खरीदे गए हैं। इसके साथ ही 20 से 30 हजार रुपए तक के बकरों की बड़ी संख्या में खरीदारी हुई है। पंजाब, ओडिशा समेत आसपास के जिलों से भी बकरे मंगाए गए हैं। इस बार शहर में महंगे और खास नस्ल के बकरे भी देखने को मिले। बीड़पारा के रहने वाले शानू खान ने बताया कि उन्होंने बकरीद को ध्यान में रखते हुए करीब 6 महीने पहले पंजाब से बीटल नस्ल का महंगा बकरा मंगाया था। बकरों को हरी सब्जियां, चना और पौष्टिक चारा दिया जा रहा है, ताकि वे स्वस्थ रहें।
बकरीद पर सख्ती, शिफ्ट में होगी नमाज, खुले में कुर्बानी, डीजे पर रोक



