रायगढ़. जिले में एआईओसीडी के आव्हान पर बुधवार को जिले के मेडिकल संचालकों को ऑनलाइन दवा विक्रय को लेकर दुकानें बंद की थी। इससे जिलेभर के करीब 760 दुकानें बंद रही। हालांकि इस दौरान मरीजों को किसी दवा के लिए दिक्कत न हो, इसके लिए औषधी संघ ने अपना नंबर जारी किया था, ताकि अगर किसी मरीज को जीवन रक्षक दवा की जरुरत पड़े तो उसे आसानी से उपलब्ध कराई जा सके।
उल्लेखनीय है कि इन दिनों ऑनलाइन के माध्यम से लोगों को हर समय प्रतिबंधित दवाएं उपलब्ध हो रही है, जिसका गलत उपयोग से जहां लोगों के जान से खिलवाड़ हो रहा है तो वहीं इसका गलत उपयोग भी किया जा रहा है। जिसको लेकर एआईओसीडी के आव्हान पर बुधवार को देशभर में राष्ट्रव्यापी बंद के तहत रायगढ़ जिले में भी सभी मेडिकल दुकानें बंद रही। इस दौरान औषधी संघ के अध्यक्ष अजय अग्रवाल ने बताया कि जिले में करीब 760 मेडिकल दुकानें संचालित है, लेकिन संघ के आव्हान पर सभी दुकानें पूर्ण रूप से बंद रही है। हालांकि मरीजों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसके लिए जिला अस्पताल और सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र, धनवंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर को खेाला गया है, ताकि किसी मरीज को दवाई को लेकर परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही दवा दुकानों के बाहर में आपातकालीन नंबर भी चस्पा किया गया, ताकि गंभीर मरीजों को दवा के लिए भटकना न पड़े। वहीं शहर के रामनिवास टाकीज चौक पर जिला औषधि संघ के पदाधिकारी और सदस्य एकत्र होकर अपनी मांगों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जिला औषधि संघ के सचिव असीम अग्रवाल ने बताया कि अभी तो एक दिन के लिए दुकानों को बंद किया गया है, वहीं अगर ऑनलाईन दवा बिक्री पर रोक नहीं लगी तो आने वाले दिनों में अनिश्चित कालीन के लिए मेडिकल दुकानों को बंद किया जाएगा। ताकि ऑनलाइन फार्मेसी पूरी तरह से बंद हो सके।
आसाीन से ऑनलाइन मिल रही दवाएं
जिला औषधि संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि जब से नए तकनीकी आया है, तब से एआई के माध्यम से फर्जी पर्चियां बनाई जा रही हैं और उनका दुरुपयोग किया जा रहा है। फर्जी एवं गैर-प्रमाणित ऑनलाइन परामर्श मरीजों को गुमराह कर रहे हैं। एंटीबायोटिक्स और साइकोट्रोपिक दवाएं बिना उचित जांच के बेची जा रही हैं। एक ही पर्चे का बार-बार दुरुपयोग किया जा रहा है। नशे की लत लगाने वाली दवाएं आसानी से युवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध हो रही हैं। वहीं पदाधिकारियों ने बताया कि जब से ऑनलाइन की सुविधा शुरू हुई है, तब से दवाओं को एक व्यावसायिक वस्तु बना दिया गया है। इसके अलावा ऑनलाइन माध्यम से अवैध दवाएं भी आसानी से मिल रही हैं। इसी के विरोध में दवा दुकान संचालकों ने ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ अपना विरोध जताया है।
जन औषधी केंद्र पर लगी रही भीड़
मेडिकल स्टोर बंद होने से जन औषधी केंद्र में पर लोगों की पूरे दिन भीड़ देखी गई, वहीं बंद की जानकारी पहले से होने के कारण संचालक द्वारा लगभग सभी तरह की दवांए मंगा कर रखे थे, ताकि किसी मरीज को वापस न जाना पड़े। हालंाकि अस्पताल में भी तैयारी की गई थी, इससे मरीजों को दवा के लिए भटकने की स्थिति नहीं बनी थी। साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीजों को क्या दवा लगना है, इसको लेकर जिला अस्पताल प्रबंधन द्वारा एक दिन पहले ही स्टाक मंगा लिए थे, इस कारण किसी भी तरह की समस्या सामने नहीं आई है।



