रायगढ़। जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित जनदर्शन में कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे आमजनों की समस्याओं, मांगों एवं शिकायतों को गंभीरता से सुना। उन्होंने अधिकारियों को सभी प्रकरणों का नियमानुसार, समयबद्ध एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनदर्शन में ग्राम पंचायत लामीदरहा के सरपंच द्वारा निर्माण कार्यों में राशि गबन की शिकायत करते हुए जांच की मांग की गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने टीम गठित कर विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए।
ग्राम रुचिदा निवासी श्री बाबूलाल सारथी ने आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि एक व्यक्ति द्वारा स्वयं को पीएसीएल इंडिया लिमिटेड में कार्यरत बताकर उनके एवं उनकी पत्नी के नाम से 5 लाख रुपए की फिक्स डिपॉजिट कराई गई थी, किंतु निर्धारित अवधि पूर्ण होने के बाद भी राशि वापस नहीं की जा रही है। इस पर कलेक्टर ने संबंधित एसडीएम को प्रकरण की जांच के निर्देश दिए। बड़े राजपुर निवासी विजय राजपूत ने प्रधानमंत्री आवास योजना की तीसरी किश्त की राशि दिलाने की मांग रखी। वहीं छाल की गीता डडसेना ने पीएमजीपी योजना अंतर्गत सेंशन लेटर जारी होने के बावजूद बैंक द्वारा ऋण स्वीकृत नहीं किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि बैंक में सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद भी उन्हें ऋण उपलब्ध नहीं कराया गया है।
रायगढ़ की राधिका यादव ने प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया। ग्राम झलमला के ग्रामीणों ने पंचायत स्थित सामुदायिक भवन में अवैध कब्जा हटाने की मांग की। ग्राम गंगाधरपुर के ग्रामीणों ने शासकीय बोर का निजी उपयोग किए जाने से उत्पन्न पेयजल समस्या से अवगत कराया। जनदर्शन में सीमांकन, अतिक्रमण हटाने, मुआवजा राशि, शौचालय एवं मोबाइल टॉवर से जुड़े विभिन्न आवेदन भी प्राप्त हुए। कलेक्टर ने सभी आवेदनों पर संबंधित अधिकारियों को जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
झलमला के सामुदायिक भवन में दबंगों का कब्जा
गंगाधरपुर में सरकारी बोर का हो रहा निजी उपयोग, कलेक्टर जनदर्शन ने उठा मामला



