रायगढ़. मंगलवार को मौसम के बदले मिजाज ने शहर की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया। सुबह से जारी धूप-छांव के खेल के बाद रात होते ही आए तेज अंधड़ और झमाझम बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कहीं विशालकाय पेड़ धराशायी हो गए, तो कहीं तकनीकी खराबी के कारण घंटों बत्ती गुल रही। आलम यह था कि बिजली विभाग की टीमें पूरी रात सुधार कार्य में जुटी रहीं, तब जाकर बुधवार सुबह कई इलाकों में आपूर्ति बहाल हो सकी।
उल्लेखनीय है कि विगत कई दिनों से जिले में मौसम का मिजाज बदला हुआ था, जिसके चलते सुबह से तेज धूप व शाम होते ही मौसम में बदलाव होने के साथ अंधड़ व बारिश शुरू हो जा रही है। जिससे गर्मी से तो राहत मिल रही है, लेकिन जगह-जगह पेड़ व डगाल गिरने के कारण बिजली व्यवस्था पूरी तरह से बाधित हो जा रही है। इससे जहां उपभोक्ताओं को समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो वहीं विद्युत विभाग को सुधार करने में घंटों समय लग रहा है। ऐसे में मंगलवार को भी सुबह से आसमान में कभी तेज धूप तो कभी हल्की बादल का खेल चल रहा था, इससे मौसम में उमस भर गया था। वहीं रात होते ही अचानक मौसम में बदलाव हुआ और रात करीब 8.30 बजे अंधड़ शुरू हो गया, जिसको देखते हुए शहर के अधिकांश क्षेत्रो में बिजली बंद कर दिया गया था, ताकि कोई हादसा न हो सके, लेकिन कुछ ही देर बाद जब झमाझम बारिश शुरू हो गई, इससे जो करीब एक घंटे तक तो जोरदार वर्षा हुई, लेकिन उसके बाद रिमझिम बारिश शुरू हो गई, जो रात करीब 10.30 बजे तक चला, इससे लोग जहां-तहां खड़े होकर बारिश का बंद होने का इंतजार करते रहे। वहीं इस अधंड व बारिश के चलते शहर के करीब आधा दर्जन क्षेत्रों में कहीं पेड़ गिरे तो कहीं डंगाल गिरने व होडिंग्स गिरने के कारण तार क्षतिग्रस्त हो गए थे। साथ ही कई एक सब स्टेशन में 5 हजार पावर का ट्रांसफार्म रही जल गया था, इससे अधिकांश क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था ठप हो गई थी। हालंाकि बारिश बंद होते ही बिजली बिभाग की टीम अलग क्षेत्रों में निकली और जहां कम समस्या थी वहां तो कुछ ही देर में लाइट चालू कर दिया, लेकिन जिन जगहों में पेड़ व डंगला गिरे थे, वहां घंटों बाद बिजली व्यवस्था बहाल हो सकी। इससे लोग कभी बिजली आफिस का चक्कर लागते नजर आए तो कभी अधिकारियों को फोन करते रहे, लेकिन जगह-जगह खराबी आने के कारण सुधार कार्य करनें में घंटों समय लग गया।
रात भर चला सुधार का सिलसिला
बिजली विभाग के कर्मचारी देर रात बारिश बंद होते ही मैदान में उतर गए थे। जो टूटे हुए तारों को जोडऩे और पेड़ों की डालियों को हटाने का काम युद्ध स्तर पर किया गया। विभाग के अनुसार, कई जगहों पर नुकसान इतना अधिक था कि सुबह तक मरम्मत कार्य चलता रहा। ऐसे में विभाग द्वारा अलग-अलग टीम बनाकर रवाना किया था, जिसकी अधिकारियों द्वारा पूरी रात मानिटरिंग चलता रहा, इसके बाद भी बुधवार सुबह करीब 8 से 10 बजे के बीच शहर के कई क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था सामान्य हो पाई।
इन सडक़ों में भरा था पानी
रात में हुई झमाझम बारिश से शहर के पुरानी हटरी क्षेत्र में पानी भर गया, जिससे लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके अलावा अंडरग्राउंड पुल में भी नाले का गंदा पानी भरने लगा। साथ ही शहर के गोपी टाकीज रोड पर भी सडक़ पर पानी भर गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, एक ही बारिश में बरसात जैसे हालात बन गए थे। हालंाकि बारिश थमने के कुछ ही देर बाद स्थिति सामान्य हो गई।
इन जगहों में आई थी समस्या
इस संबंध में विभागीय अधिकारियों के अनुसार आंधी बारिश के चलते शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पेड व डंगला गिरने से करीब आधा दर्जन से अधिक जगहों में दिक्कत आई थी। जिसमें प्रमुख रूप से शहर के वृंदावन सब स्टेशन के ऊपर में ही एक पेड़ गिर गया था, जिसे हटाने में घंटों समय लग गया, इसके बाद सुधार कार्य करते हुए इस क्षेत्र में बिजली व्यवस्था बहाल हो सकी। वहीं चांदनी चौक में 11 केवी के ऊपर पीपल पेड़ का बड़ा डंगाल गिरने से तार क्षतिग्रस्त हो गया। साथ ही छातामुड़ा सब स्टेशन में पांच हजार केवी का पावर ट्रांसफर्मार फेल हो गया था, जिसे बाइबास कर रात में बिजली चालू किया और बुधवार को दोपहर में लाइट बंद कर उक्त ट्रांसफार्मर को बदली किया गया। इसी तरह रेलवे स्टेशन के सब स्टेशन में शार्ट-सर्किट के चलते मेन केबल ही जल गया था, इससे स्टेशन में भी अधेरा छाया रहा। वहीं इंदिरा नगर क्षेत्र में दयाराम धूर्वे के घर के पास एक विशाल पेड़ 11 केवी तार पर गिरने से लाइट बंद रही। उर्दना स्थित पुलिस लाइन बटालियन में पेड़ गिरने से समस्या आई थी। साथ ही लक्ष्मीपुर फीडर के कार्मेल स्कूल के पास 11 केवी के डबल डीपी में होर्डिग्स फंस जाने से शार्ट-सर्किट के चलते लाइट बंद रही। बोईरदादर क्षेत्र के इंडस्ट्रीयल एरिया में लगे ट्रांसफार्मर में खराबी आने के कारण कई जगह लाइट बंद रही। इससे पूरी रात लोग परेशान नजर आए।



