बरमकेला। इस ब्लॉक के सरिया अंचल में विकास कार्यों की रफ्तार तेज़ है, लेकिन दो महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलो में कुछ बुनियादी सुविधाओं की जरुरत हैं। पूजेरीपाली और पोरथ स्थित प्राचीन शिव मंदिरों में धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी को देखते हुए अब शेड निर्माण की मांग जोर पकडऩे लगी है।
पूजेरीपाली का केवटी देउल शिव मंदिर क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहरों में गिना जाता है, जिसकी प्राचीनता छठी शताब्दी तक मानी जाती है। यहाँ स्वयंभू भगवान शिव की स्थापना है और यह स्थान आस्था के साथ-साथ पुरातात्विक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। समय-समय पर विदेशी पर्यटक भी यहाँ पहुंचते रहे हैं, जिससे इसकी पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर तक बनी है।
इसी तरह पोरथ का शिव मंदिर त्रिवेणी संगम पर स्थित होने के कारण विशेष धार्मिक महत्व रखता है। मकर संक्रांति के अवसर पर यहाँ लगने वाला मेला क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपरा का प्रमुख हिस्सा है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। हालांकि, इन दोनों प्रमुख स्थलों पर स्थायी शेड की व्यवस्था नहीं होने से आयोजनों के दौरान लोगों को मौसम की मार झेलनी पड़ती है। तेज धूप, बारिश और ठंड के बीच खुले में बैठने को मजबूर श्रद्धालुओं को काफी असुविधा होती है, खासकर बुजुर्गों और महिलाओं को।
स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर परिसरों में बड़े शेड का निर्माण होने से धार्मिक कार्यक्रमों का संचालन सुचारु रूप से हो सकेगा और लोगों को राहत मिलेगी। साथ ही इससे इन ऐतिहासिक स्थलों की गरिमा और संरक्षण को भी बल मिलेगा। जिला पुरातत्व समिति रायगढ़ के पूर्व सदस्य और वरिष्ठ पत्रकार मोहन नायक ने बताया कि इसे शासन तक पहुंचाने की पहल की जाएगी, ताकि जल्द से जल्द समाधान निकल सके। अब क्षेत्रवासियों की नजरें रायगढ़ विधायक एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी पर टिकी हैं, जिनसे उम्मीद की जा रही है कि वे इसे प्राथमिकता देते हुए शीघ्र आवश्यक कदम उठाएंगे, क्योंकि उन्होंने धार्मिक स्थलों औऱ मंदिरों की संरक्षण औऱ सुधार की दिशा में सराहनीय कार्य किया है. ऐसे में इन दोनों महत्वपूर्ण स्थलों में बड़ा पंडालनुमा शेड की निर्माण जरूर कराएंगे. जरुरत है तों बस सार्थक पहल कर उन तक मांग को पहुंचाने की.
ऐतिहासिक शिव मंदिरों में सुविधाओं का अभाव, पूजेरीपाली और पोरथ में शेड निर्माण की उठी मांग
वित्त मंत्री ओपी पर टिकी है सबकी उम्मीदें



