रायगढ़। जिले के पुसौर तहसील अंतर्गत ग्राम तुरंगा में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति की निजी भूमि पर खड़े लगभग 35 महुआ एवं नीम के पेड़ों को कथित रूप से अवैध रूप से काट दिया गया। इस संबंध में पीडि़त संदीप गोयल ने तहसीलदार पुसौर एवं वन मंडलाधिकारी रायगढ़ को लिखित शिकायत देकर जांच एवं दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही शिकायत पत्र की प्रतिलिपि थाना प्रभारी पुसौर एवं वन परिक्षेत्राधिकारी को भी प्रेषित की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संदीप गोयल, पिता स्वर्गीय बजरंग लाल गोयल, निवासी छातामुड़ा बाइपास चौक, रायगढ़, ने कुछ वर्ष पूर्व तहसील पुसौर के ग्राम तुरंगा में खसरा नंबर 175ध्1, रकबा 0.2790 हेक्टेयर भूमि विधिवत क्रय की थी, जो वर्तमान में उनके वैध स्वामित्व एवं कब्जे में है। उक्त भूमि पर पूर्व से ही महुआ और नीम के लगभग 35 पेड़ स्थित थे, जो उनकी संपत्ति का अभिन्न हिस्सा थे।
शिकायत में उल्लेख किया गया है कि हाल ही में जब संदीप गोयल अपने परिवार के साथ उक्त भूमि का निरीक्षण करने पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि वहां स्थित सभी पेड़ों को काट दिया गया है। इस घटना से वे हैरान रह गए। इसके बाद उन्होंने आसपास के ग्रामीणों से जानकारी ली, जिसमें यह सामने आया कि ग्राम पड़ीगांव निवासी अनुपम सेठ द्वारा इन पेड़ों को काटा गया है।
उनका आरोप है कि जब उन्होंने इस संबंध में अनुपम सेठ से पूछताछ की, तो उसने पेड़ काटने की बात स्वीकार करते हुए असंवैधानिक और चुनौतीपूर्ण भाषा का प्रयोग किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद है, जिसे आवश्यकता पडऩे पर साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।
पीडि़त ने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि यह कृत्य न केवल उनकी निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाला है, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी गंभीर है, क्योंकि महुआ और नीम जैसे वृक्ष स्थानीय पारिस्थितिकी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। उन्होंने प्रशासन से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच कराने, दोषी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने एवं हुए आर्थिक नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों के बीच भी इस घटना को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है कि इस मामले में कब तक जांच पूरी कर दोषी के खिलाफ ठोस कदम उठाए जाते हैं।
प्रशासन द्वारा यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मामला और अधिक तूल पकड़ सकता है। फिलहाल शिकायत के आधार पर संबंधित विभागों द्वारा जांच की प्रक्रिया प्रारंभ किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
निजी भूमि से 35 महुआ और नीम के पेड़ काटे जाने की शिकायत, जांच की मांग



