रायगढ़। दिव्यांग लोगों को समाज के मुख्य धारा में शामिल करने तथा उनकी जीवन को बेहतर बनाने के मकसद से एक अच्छी पहल के जरिये, आस-पास के गांवों के दिव्यांग लोगों को कृत्रिम अंग बांटे गए। इस पहल का मकसद चलने-फिरने की क्षमता बढ़ाना, आत्मविश्वास वापस लाना और एक आज़ाद और इज्ज़तदार जि़ंदगी जीने में मदद करना था। इस कार्यक्रम में नीरज जलोटा, क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (ङ्खक्र-ढ्ढढ्ढ एवं स्स्ष्ट) के साथ सुभाष ठाकुर परियोजना प्रमुख (लारा), श्रीमती रेखा ठाकुर (अध्यक्षा, प्रेरिता महिला समिति), केशव चंद्र सिंह रॉय (महाप्रबंधक, प्रचालन एवं अनुरक्षण), अशोक मिश्रा (जीएम-ऑपरेशंस और फ्यूल मैनेजमेंट), हेमंत पावगी (जीएम-प्रोजेक्ट्स) और जाकिर खान भी मौजूद थे। इस इवेंट में प्रेरिता महिला समिति के सीनियर सदस्य, कर्मचारी और गांव वाले शामिल हुए, जिससे इनक्लूसिव कम्युनिटी डेवलपमेंट के मकसद को मज़बूत सपोर्ट मिला। इस मौके पर बोलते हुए, श्री नीरज जलोटा ने इस पहल की तारीफ की और समावेशी विकास के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि इस तरह की कोशिशें दिव्यांग लोगों को मज़बूत बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं, जिससे वे फिर से चलने-फिरने में सक्षम हो पाते हैं और रोज़मर्रा की जि़ंदगी में ज़्यादा एक्टिव रूप से हिस्सा ले पाते हैं। इस वितरण कार्यक्रम से कई फ़ायदों में नई उम्मीद जगी, जिनमें से कई ने दिल से शुक्रिया अदा किया क्योंकि असिस्टिव डिवाइस उन्हें रोज़ाना के काम ज़्यादा आसानी और कॉन्फिडेंस के साथ करने में मदद करेंगे। ऐसी पहल सोशल इन्क्लूजन, सम्मान और कम्युनिटी वेलफेयर पर बढ़ते ज़ोर को दिखाती हैं, जिससे यह पक्का होता है कि मदद उन लोगों तक पहुँचे जिन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है और एक ज़्यादा इनक्लूसिव और दयालु समाज बनाने में मदद मिलती है।



