रायगढ़। जिले में पिछले दिनों मंगल कार्बन प्लांट में हुए ब्लास्ट में सात लोग झुलस गए थे, इससे दो दिन पहले जहां एक मासूम की मौत हो गई थी तो वहीं आज उसके पिता दादा व एक अन्य श्रमिक की मौत हो गई है। वहीं अब बचे तीन और श्रमिकों की इलाज के दौरान स्थिति गंभीर बनी हुई है।

उल्लेखनीय है कि खरसिया थाना क्षेत्र के ग्राम बानीपाथर स्थित मंगल कार्बन प्लांट में विगत पांच फरवरी की सुबह श्रमिक काम करने गऐ थे। इस दौरान सुबह करीब 10 बजे के आसपास प्लांट के फर्नेस में श्रमिक पुराने टायर को गला रहे थे। तभी अचानक मशीन का ढक्कन खुलते ही उसमें तेज धमका हो गया और आक्सीजन अंदर जाते ही आग की लपटों के साथ उसमे खौल रहे गर्म तेज वहां काम कर रहे अन्य श्रमिकों के ऊपर गिर गया, इससे एक मासूम समेत सात श्रमिक झुलस कर छटपटाने लगे। ऐसे में प्लांट के अंदर दूसरे जगह काम कर रहे अन्य श्रमिकों ने देखा तो इसकी सूचना प्लांट मालिक को देते हुए सभी बचाव कार्य में जुट गए और आनन-फानन में सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां मौजूद डाक्टरों प्राथमिक उपचार के बाद सभी को जिंदल अस्पताल रेफर कर दिया था, लेकिन उनकी स्थिति गंभीर होने पर सभी को रायपुर स्थित कलड़ा बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी सेंटर में भर्ती कराया गया था। जहां 9 फरवरी की शाम करीब 4 बजे 9 माह के मासूम बच्ची भूमि खडिय़ा की मौत हो गई थी। वहीं, बुधवार की सुबह इस घटना में झुलसे तीन और लोगों की मौत हुई है, जिसमें इंद्रवर 19 साल और शिव खडिय़ा 27 साल व साहेब लाल खडिय़ा (50 वर्ष) की भी मौत हो गई है। साथ ही अभी भी तीन लोग जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे है।
श्रमिक सुरक्षा में लापरवाही
उदासिनी के भाई सूरज किसान ने बताया कि 9 महीने की भांजी और जीजा की मौत हो गई। बहन अस्पताल में भर्ती है और उसका रो-रोकर बुरा हाल है। काम के दौरान सुरक्षा गाइडलाइन का पालन नहीं किया जाता था। इस वजह से ये हादसा हुआ है। सूरज ने बताया कि बहन के चार बच्चों में से अब दो की मौत हो चुकी है, जबकि एक बेटा और एक बेटी घर पर हैं।
घायलों का उपचार जारी
उक्त प्लांट में हादसे के बाद अभी तक चार लोगों की मौत हो चुकी है बाकी के चार श्रमिक अभी जिंदगी और मौत से लड़ रहे हैं। घायलों में उदाशिनी खडिय़ा (25 वर्ष) 30-40 प्रतिशत झुलसी, कौशल (25 वर्ष) 70-80 प्रतिशत झुलसे और प्रिया (32 वर्ष) 70-80 प्रतिशत झुलसे होने के कारण इनका अभी उपचार जारी है, लेकिन फिलहाल स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है।
एक ही परिवार के 4 लोग झुलसे थे
इस घटना में एक ही परिवार के चार लोग आग की चपेट में आए थे। जिसमें साहेब लाल खडिय़ा (46) 80-90 प्रतिशत तक झुलसे थे, शिव खडिय़ा (27 वर्ष) 80-90 प्रतिशत, उदासिनी खडिय़ा (25) 30-40 प्रतिशत और भूमि खडिय़ा (9 माह) 80-90 प्रतिशत झुलस गई थी। वहीं बताया जाता है कि बच्ची की मां उसे अपने साथ प्लांट में ले जाती थी। पति शिव खडिय़ा और उसके पिता साहेब राम खडिय़ा की आज मौत हुई है।



