रायपुर। छत्तीसगढ़ में ड्रग्स की तस्करी करने वाले और नशे से जुड़े नेटवर्क पर सरकार ने सख्ती दिखाई है। 10 जिलों में नशा विरोधी टास्क फोर्स का गठन होगा, जो ड्रग्स से जुड़े क्राइम को रोकने और अपराधियों को पकडऩे का काम करेगी।
बुधवार (4 फरवरी) को कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया है। वहीं, बैठक में नवाचार व स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति को मंजूरी मिली है। इसके साथ ही 35 हाउसिगं बोर्ड को नगर निगम को सौंपने का फैसला लिया गया है। प्रदेश में अब पायलटों को उड़ान की ट्रेनिंग देने पर भी सरकार विचार कर रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में नशे के बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय नशा विरोधी टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। इसके लिए 100 नए पदों को मंजूरी दी गई है। इन जिलों में रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव और कोरबा शामिल हैं। इस फैसले से नशे के कारोबार पर निगरानी और कार्रवाई मजबूत होगी।
पुलिस के लिए बनेगा विशेष अभियान समूह, 44 नए पद स्वीकृत- कैबिनेट ने पुलिस मुख्यालय के तहत विशेष अभियान समूह के गठन को मंजूरी दी है। इसके लिए 44 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। यह टीम किसी भी बड़ी या अचानक हुई घटना में तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने, आतंकी हमला या गंभीर खतरे को तेजी से नियंत्रित करने का काम करेगी। यह पूरी तरह प्रशिक्षित विशेष बल होगा।
उड़ान प्रशिक्षण संस्थान की मंजूरी- राज्य के अलग-अलग हवाई अड्डों और हवाई पट्टियों पर उड़ान प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इससे छत्तीसगढ़ में ही पायलट बनने की ट्रेनिंग मिल सकेगी।
यह संस्थान निजी भागीदारी से स्थापित किया जाएगा। इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा और विमान मरम्मत, हेलीकॉप्टर ईंधन सुविधा और हवाई खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
नवाचार व स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति को मंजूरी- कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 को मंजूरी दी है। इस नीति से नए उद्यमों, इनक्यूबेशन केंद्रों और नवाचार से जुड़े लोगों को समर्थन मिलेगा। राज्य की स्टार्टअप रैंकिंग में सुधार होगा और निवेश के नए अवसर बनेंगे।
35 आवासीय कॉलोनियां नगर निगमों को सौंपी जाएंगी- सरकार ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई गई और पूरी हो चुकी 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का फैसला लिया है। अब तक हस्तांतरण न होने से लोगों को दोहरा खर्च उठाना पड़ रहा था। कॉलोनियां नगर निकायों को सौंपे जाने के बाद पानी, सडक़, बिजली और सफाई जैसी सुविधाएं सीधे मिलेंगी और अतिरिक्त रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी।
नवा रायपुर में बनेगा बहुमंजिला सरकारी भवन- नवा रायपुर अटल नगर में सरकारी विभागों और निगम मंडलों के कार्यालयों के लिए एक बड़ा बहुमंजिला भवन बनाया जाएगा। इसमें विभागों को स्थान आवंटित किया जाएगा, जिससे भूमि का बेहतर उपयोग हो सके।
सिरपुर और अरपा क्षेत्र में भूमि आवंटन अधिकार कलेक्टर को मिलेगा- सिरपुर और अरपा क्षेत्र में योजनाबद्ध विकास के लिए शासकीय भूमि के आवंटन का अधिकार जिला कलेक्टरों को दिया गया है। विकास कार्यों को तेज करने के लिए भूमि एक रुपए प्रीमियम और भू-भाटक पर दी जाएगी।
प्रदेश में लागू होगी क्लाउड आधारित नीति- कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ क्लाउड आधारित नीति को लागू करने की मंजूरी दी है। इसके तहत सभी सरकारी विभाग केवल भारत सरकार से मान्यता प्राप्त क्लाउड सेवा प्रदाताओं से ही सेवाएं लेंगे। इससे खर्च कम होगा, साइबर सुरक्षा मजबूत होगी और नागरिकों को 24 घंटे सेवाएं मिल सकेंगी।
मोबाइल टावर योजना को मंजूरी- राज्य में डिजिटल ढांचे को मजबूत करने के लिए मोबाइल टावर योजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना से नेटवर्क विहीन गांवों में मोबाइल टावर लगाए जाएंगे। इससे राशन वितरण, सीधे लाभ हस्तांतरण, स्वास्थ्य, शिक्षा और आपातकालीन सेवाओं की पहुंच दूर-दराज के इलाकों तक होगी और सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर होगी।
प्रदेश के 10 जिलों में बनेगी एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स
35 हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियां निगम को सौंपी जाएगी



