नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आज पार्टी मुख्यालय में औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कर लिया है. पदभार ग्रहण करने के बाद अपने पहले संबोधन में नबीन ने खुद को एक साधारण कार्यकर्ता बताया और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की. उन्होंने राजनीति को भोग के बजाय त्याग और तपस्या का मार्ग बताया.
बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन ने अपने पहले संबोधन में कहा, ‘आज सबसे पहले मैं आप सभी का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं. आपने मुझ जैसे एक साधारण कार्यकर्ता को पार्टी के इस सर्वोच्च पद तक पहुंचने का अवसर दिया है और इसके लिए मैं आप सभी को नमन करता हूं.’
नितिन नबीन ने पीएम मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री जी मैं आपका भी हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं, क्योंकि हम जैसे साधारण कार्यकर्ताओं ने हमेशा दूर से देखा है कि आप राष्ट्र सेवा के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और अमित शाह के योगदान का विशेष उल्लेख किया. उन्होंने कहा, ‘2006 में जब मैं पहली बार विधायक बना, तब से देख रहा हूं कि राजनाथ सिंह ने हर कार्यकर्ता से कैसे जुडऩे का प्रयास किया. नितिन गडकरी ने संगठन के हर मोर्चे को गढ़ा. अमित शाह ने हर कार्यकर्ता की चिंता की।’
देश के हर कोने में लहरा रहा है तिरंगा
राष्ट्रीय मुद्दों पर बोलते हुए नवीन ने अनुच्छेद 370 हटाने का जिक्र किया और कहा, ‘जब प्रधानमंत्री मोदी ने अनुच्छेद 370 खत्म किया तो कश्मीर का माहौल बदल गया और आज कश्मीर के हर कोने में तिरंगा शान से लहरा रहा है.’ उन्होंने पार्टी की सफलता का श्रेय देते हुए कहा, ‘यदि आज भाजपा विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बनी है तो इसकी वजह हमारा प्रेरणादायी नेतृत्व, हमारी विचारधारा और कार्यकर्ताओं की मेहनत है. वो कार्यकर्ता जो अनवरत काम करता है जो कठिन परिस्थितियों में भी भारत का झंड़ा झुकने नहीं देता जो सीना ठोककर कहता है- तेरा वैभव अमर रहे मां।
राजनीति ऐशो-आराम नहीं..
उन्होंने बीजेपी की राजनीति की विशेषता बताते हुए कहा, ‘हम ऐसे राजनीतिक दल से जुड़े हैं जहां राजनीति सत्ता नहीं, साधना है. राजनीति भोग नहीं, त्याग है. राजनीति ऐशो-आराम नहीं, तपस्या है. राजनीति कोई पदभार नहीं, उत्तरदायित्व है’



