रायपुर। राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरपालिका और त्रिस्तरीय पंचायतों के आम और उप निर्वाचन 2026 की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसे लेकर सोमवार को एक अहम समीक्षा बैठक रखी गई, जिसकी अध्यक्षता राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने की। बैठक में राज्य निर्वाचन आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि स्थानीय निकाय चुनावों से जुड़ी सभी आवश्यक प्रक्रियाएं तय समय-सीमा में पूरी की जाएं, ताकि चुनाव शांतिपूर्ण रूप से संपन्न कराए जा सकें।
उन्होंने कहा कि नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों का समय पर चयन लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है। इसके लिए प्रशासनिक समन्वय सबसे अहम भूमिका निभाता है। बैठक में निर्वाचन से जुड़ी तैयारियों, विभागों के बीच समन्वय, परिसीमन, आरक्षण और मतदाता सूची से संबंधित कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आयोग की ओर से तय कार्यक्रम के अनुरूप सभी कार्य प्राथमिकता के साथ पूरे किए जाएं। एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद तैयार की गई नई मतदाता सूची के आधार पर पंचायत और नगरीय निकायों की 1043 सीटों पर चुनाव कराए जाएंगे।
नगर पंचायत तमनार और बड़ी करेली पर चर्चा
बैठक में नवगठित नगर पंचायत तमनार (रायगढ़) और बड़ी करेली (धमतरी) को लेकर भी चर्चा हुई। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने इन दोनों नगर पंचायतों में वार्ड परिसीमन और आरक्षण की प्रक्रिया जल्द पूरी कर आयोग को अवगत कराने के निर्देश दिए, ताकि चुनावी प्रक्रिया समय पर आगे बढ़ सके।
कहां और किन सीटों पर होने हैं उपचुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग को जानकारी दी गई कि नगरीय निकायों में नगरपालिका अध्यक्ष के दो पद और पार्षदों के 15 पदों पर उप निर्वाचन कराए जाने हैं। इसके अलावा राज्य की चार नवगठित नगर पंचायतों घुमका, बम्हनीडीह, शिवनंदनपुर और पलारी में अध्यक्ष के चार पद और 60 पार्षद पदों पर पहली बार निर्वाचन कराया जाएगा। इसी तरह त्रिस्तरीय पंचायतों में जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच और पंच के कुल 1043 पदों पर आम और उप निर्वाचन प्रस्तावित हैं। राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि इन चुनावों के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर निर्णय प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जाएगा और विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।
नई मतदाता सूची के आधार पर होंगे उपचुनाव
मतदाता सूची को लेकर आयोग ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण (स्ढ्ढक्र) की प्रक्रिया पूरी होते ही अपडेटेड वोटर लिस्ट प्राप्त कर ली जाएगी। इसके आधार पर स्थानीय निकायों के आम और उप निर्वाचन के लिए मतदाता सूची तैयार की जाएगी, जिससे मतदाताओं को अपने प्रतिनिधि चुनने में किसी तरह की असुविधा न हो। बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, पंचायत-ग्रामीण विकास विभाग और राज्य निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। आयोग ने भरोसा जताया कि सभी विभागों के सहयोग से चुनावी तैयारियां समय पर पूरी होंगी और स्थानीय निकाय चुनाव लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप संपन्न कराए जाएंगे।



