रायपुर। राजधानी रायपुर में आज एनएसयूआई ने धान घोटाले के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया। हृस्ढ्ढ कार्यकर्ता चूहे का वेश धारण कर कलेक्ट्रेट पहुंचे और धान खरीदी केंद्रों में ‘चूहों द्वारा धान खाने’ के दावे का प्रतीकात्मक विरोध किया। एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि करोड़ों रुपये के धान घोटाले में असली दोषियों को बचाने के लिए सारा ठीकरा चूहों पर फोड़ा जा रहा है। यह जनता को गुमराह करने का प्रयास है। प्रदर्शन को ‘चूहे को न्याय’ नाम देते हुए कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में हृस्ढ्ढ ने लिखा कि छत्तीसगढ़ में सामने आया धान घोटाला सीधे किसानों, छात्र-युवाओं और आम जनता के हितों से जुड़ा गंभीर विषय है। करोड़ों रुपये के इस घोटाले में जिम्मेदार अधिकारियों एवं खाद्य विभाग के शीर्ष स्तर की भूमिका संदेह के घेरे में हैं, किंतु अब तक न तो किसी बड़े अधिकारी पर ठोस कार्रवाई हुई है और न ही जिम्मेदारी तय की गई है। चूहों को दोषी ठहराना शासन की विफलता और अपनी जिम्मेदारियों से बचने का प्रतीक है।
एनएसयूआई ने धान घोटाले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, घोटाले में संलिप्त सभी अधिकारियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई करने, नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए खाद्य मंत्री से इस्तीफा लिया जाए, भविष्य में इस प्रकार के घोटालों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था किए जाने की शासन से मांग की है।
धान घोटाले के विरोध में एनएसयूआई का अनोखा प्रदर्शन
चूहे का वेश धारण कर कलेक्ट्रेट पहुंचे कार्यकर्ता



