रायपुर। राजधानी के सेंट्रल जेल में गैंगवार की घटना थमने का नाम नहीं ले रही हैं। जेल के अंदर मारपीट, ब्लेड-बाजी और जानलेवा हमलों का सिलसिला लगातार जारी है। हाल ही में बहुचर्चित यश शर्मा हत्याकांड से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें केस के मुख्य गवाह कुशाल तोलानी पर जेल के अंदर चम्मच को धारदार बनाकर जानलेवा हमला किया गया।
जानकारी के अनुसार, कुशाल तोलानी को प्रतिबंधित धाराओं से जुड़े एक मामले में सिर्फ एक दिन के लिए सेंट्रल जेल लाया गया था। इसी दौरान उस पर हमला कर दिया गया। आरोप है कि यश शर्मा हत्याकांड के आरोपियों ने पहले से साजिश रचकर जेल में यह हमला करवाया, ताकि मुख्य गवाह को डराया-धमकाया जा सके और वह कोर्ट में बयान न दे सके। जेल प्रबंधन के अधिकारी ने बताया कि मामले में हमला करने वाले के खिलाफ जेल अपराध के तहत कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि, हमला करने वाला कैदी एनडीपीएस एक्ट में सजा काट रहा है। उसने अचानक कुशाल तोलानी पर चम्मच को धारदार बनाकर वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जेल प्रशासन ने उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना के बाद जेल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
इस वारदात ने एक बार फिर जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीडि़त पक्ष की ओर से इस पूरे मामले की लिखित शिकायत कलेक्टर और एसएसपी को दी गई है। जेल प्रशासन के अनुसार घटना 19 दिसंबर की है। कुशाल तोलनी को पुलिस ने धारा 151 के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जहां एनडीपीएस मामले में बंद एक अन्य आरोपी से उसकी झड़प हुई हो गई।
प्रशासन ने किसी अन्य हथियार से हमले की बात को नकारा है। जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्रिय ने बताया कि आरोपी के खिलाफ जेल अपराध के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ये भी कहा कि इसे यश हत्याकांड से जोडक़र देखना बेबुनियाद है। जेल में बंदी पर हमला होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी कांग्रेस नेता आशीष शिंदे पर जानलेवा हमला हो चुका है। इसी तरह से कुनबी समाज के पदाधिकारी श्याम देशमुख से भी मारपीट हो चुकी है। इन मामलों की जांच अभी पेडिंग है। मारपीट होने के बाद कार्रवाई नहीं होने पर पीडि़त ने समाज के सदस्यों के साथ मिलकर प्रदर्शन किया था।
मारपीट होने के बाद कार्रवाई नहीं होने पर पीडि़त ने समाज के सदस्यों के साथ मिलकर प्रदर्शन किया था। कुनबी समाज के पदाधिकारी श्याम देशमुख ने जेल के शिक्षक नेतराम नाकतोड़े के उपर बंदियों के साथ मिलकर मारपीट का आरोप लगाया था। देशमुख ने समाज के पदाधिकारियों के साथ मिलकर गंज थाना में जाकर शिकायत की और कार्रवाई ना होने पर प्रदर्शन भी किया था। प्रदर्शन के बाद भी अब तक जेल शिक्षक नाकतोड़े और मारपीट करने वाले बंदियों के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं हुई है।दरअसल, 13 अक्टूबर 2024 को महावीर नगर निवासी यश शर्मा को उसके दोस्त यश खेमानी ने पार्टी के बहाने घर से ले गया। उसके साथ कार में तुषार पंजवानी, तुषार पाहुजा और चिराग पंजवानी भी थे। चारों ने यश शर्मा से उसके एक दोस्त तुषार तोलानी के बारे में पूछा, लेकिन यश शर्मा ने कहा- उसे नहीं पता। फिर आरोपियों ने रिंग रोड के पास ले जाकर यश शर्मा की लाठी डंडे से बेरहमी से पिटाई की। इससे यश बेहोश हुआ तो आरोपी उसे मेकाहारा ले गए। वहां यश को दर्द की दवाई दी गई। इसके बाद सुबह 7 बजे यश को वीआईपी रोड स्थित शगुन फॉर्म ले गए। दो दिन तक यश को बंधक बनाकर रखा और वहां भी मारपीट की गई, फिर शराब भी पिलाई। हालत बिगड़ी तो आरोपियों ने उसे चरोदा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। यश ने घर में फोन किया। आरोपियों के डर से यश ने घर वालों को एक्सीडेंट हो जाने का बहाना दिया। किसी तरह वह घर आ गया। दर्द में कराहता देख परिजन उसे एम्स ले गए। जांच में पता चला कि यश के सीने-पेट के हिस्से की आंतें फैल गई थी। मल-मूत्र की जगह ब्लॉकेज था। शरीर में इंफेक्शन फैल गया था, जिससे उसकी मौत हुई। हत्या के सभी आरोपी जेल में है।
सेंट्रल जेल में गैंगवार : यश शर्मा हत्याकांड के मुख्य गवाह पर किया जानलेवा हमला
चम्मच को धारदार बनाकर मारा



