रायपुर। प्रदेश के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास को प्रोडक्शन रिमांड पर गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। इस दौरान पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें जेल से कोर्ट लेकर पहुंची। सूत्रों के मुताबिक, ईडी अब निरंजन दास की कस्टोडियल रिमांड की मांग करेगी। एजेंसी का कहना है कि मामले में गहन पूछताछ जरूरी है, क्योंकि जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए हैं। ईडी को यह कार्रवाई पूर्व आईएएस अधिकारी सौम्या चौरसिया से पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर करनी है। एजेंसी के मुताबिक, सौम्या चौरसिया से पूछताछ में शराब घोटाले से जुड़े महत्वपूर्ण क्लू सामने आए हैं, जिनकी कड़ी निरंजन दास से जुड़ती बताई जा रही है। गौरतलब है कि निरंजन दास पहले से ही आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो की दर्ज शराब घोटाले की एफआईआर में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। अब ईडी की एंट्री के बाद इस मामले में जांच का दायरा और बढऩे की संभावना जताई जा रही है।
रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर के द्वारा ‘ऑपरेशन नन्हे फरिस्ते’ के तहत किया सराहनीय कार्य
बिलासपुर। रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर के तीनों मंडलों (बिलासपुर, रायपुर, नागपुर) में अपने घर से बिछड़े बच्चों को उनके परिजनों से मिलाने के लिए ऑपरेशन नन्हे फरिस्ते के तहत कार्य किया जा रहा है। जिसमें रेलवे स्टेशन/रेलवे परिसर एवं यात्री ट्रेनों में घर से बिछड़े/किसी कारणवश घर से भागे बच्चों को रेलवे सुरक्षा बल के द्वारा रेसक्यू किया जा रहा है। जिसे रेलवे बोर्ड के द्वारा जारी गाईड लाईन का पालन करते हुए चाईल्ड हेल्प ग्रुप के माध्यम से मान्यता प्राप्त चाईल्ड हेल्प लाईन को सुपुर्द किया जा रहा है। जहॉ से बच्चों को उनके परिवार को सुपुर्द किया जाता है, जिससे बिछड़े बच्चों एवं उनके परिवार की मुस्कान वापस लाकर रेलवे सुरक्षा बल के द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है। रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर द्वारा वर्ष 2023 से नवम्बर, 2025 तक ऑपरेशन नन्हे फरिस्ते के तहत रेलवे स्टेशन/रेलवे परिसर एवं यात्री ट्रेनों में घर से बिछड़े/किसी कारणवश घर से भागे बच्चों को रेलवे सुरक्षा बल के द्वारा रेसक्यू किया गया।



