सारंगढ़। शनि अमावस्या एवं ग्रहण काल के अवसर पर नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा श्रद्धा और भक्ति भाव से वट सावित्री व्रत एवं पूजा-अर्चना की गई। सुहागिन महिलाओं ने बरगद (वट) वृक्ष की पूजा कर अपने पति की दीर्घायु, सुख – समृद्धि एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। महिलाओं ने वट वृक्ष के नीचे बैठ कर सावित्री – सत्यवान की कथा का श्रवण एवं वाचन किया। पूजा के दौरान वट वृक्ष में मोली धागा बांध कर अखंडसौभाग्य का आशीर्वाद मांगा गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार वट सावित्री व्रत करने से परिवार में सुख – शांति बनी रहती है तथा शारीरिक मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलती है। इस अवसर पर महिलाओं ने पारंपरिक रीति – रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना कर सावित्री की तरह अपने पति की रक्षा और लंबी आयु की कामना की। मंदिरों एवं वट वृक्षों के आसपास सुबह से ही पूजा करने वाली महिलाओं की भीड़ देखी गई।
वट सावित्री एवं शनि जयंती पर गौमाता को खिलाई गई मिक्स सब्जियां
सारंगढ़। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन (अभामा) की महिलाओं द्वारा वट सावित्री पर्व एवं शनि जयंती के अवसर पर गोसेवा का सराहनीय कार्य किया गया। प्रदेश अध्यक्ष उमा छापरिया के निर्देश एवं शाखा अध्यक्ष मधु केजरीवाल के मार्गदर्शन में अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन की महिलाओं ने गोपाल जी गौशाला में गौमाता को लगभग 150 किलो की पांच प्रकार की मिक्स सब्जियां खिलाईं। इस अवसर पर महिलाओं ने गौसेवा करते हुए गौमाता की पूजा – अर्चना कर सुख – समृद्धि एवं परिवार की खुशहाली की कामना की। इस कार्यक्रम में बबीता केडिय़ा, श्रीमती शीला अग्रवाल, श्रीमती शिखा अग्रवाल, दीक्षा केडिय़ा, मधु केडिय़ा सहित अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं और सभी ने श्रद्धाभाव से गौमाता को सब्जियां खिलाई। श्रीमती मधु केजरीवाल ने कहा कि -जो आदमी गाय का दूध पिएगा वह कभी आतंक वादी नहीं बनेगा। गाय का दूध अमृत के समान है, गाय के दूध के साथ – साथ पंचगव्य, गोमूत्र और गोबर भी शारीरिक, आर्थिक, वैज्ञानिक और धार्मिक दृष्टि से भी बहुत उपयोगी है। प्रात: काल गाय के दर्शन से मनुष्य में सकारात्मक ऊर्जा का निर्माण होता है।



